Tera chadd jana, mera tutt jana, bas jajjbaata da dhokha c,
ik hor saal beet gya, bin tere ik pal v kadhna aukha c
ਤੇਰਾ ਛੱਡ ਜਾਣਾ , ਮੇਰਾ ਟੁੱਟ ਜਾਣਾ, ਬਸ ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਦਾ ਧੋਖਾ ਸੀ,
ਇਕ ਹੋਰ ਸਾਲ ਬੀਤ ਗਿਆ, ਬਿਨ ਤੇਰੇ ਇਕ ਪਲ ਵੀ ਕੱਢਣਾ ਔਖਾ ਸੀ ,
Tera chadd jana, mera tutt jana, bas jajjbaata da dhokha c,
ik hor saal beet gya, bin tere ik pal v kadhna aukha c
ਤੇਰਾ ਛੱਡ ਜਾਣਾ , ਮੇਰਾ ਟੁੱਟ ਜਾਣਾ, ਬਸ ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਦਾ ਧੋਖਾ ਸੀ,
ਇਕ ਹੋਰ ਸਾਲ ਬੀਤ ਗਿਆ, ਬਿਨ ਤੇਰੇ ਇਕ ਪਲ ਵੀ ਕੱਢਣਾ ਔਖਾ ਸੀ ,
चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…
Tenu ishq byan kar ta rahe haan
par bina byan kitteya..!!
ਤੈਨੂੰ ਇਸ਼ਕ ਬਿਆਨ ਕਰ ਤਾਂ ਰਹੇ ਹਾਂ
ਪਰ ਬਿਨਾਂ ਬਿਆਨ ਕੀਤਿਆਂ..!!