khud par hasne ka hunar Sikh rha hu aajkal,
jamane ko wese bhi jaldi bhul jane ki aadat hai.
मांगने से पहले खुद को पूछो, क्या तुम रख पाओ गे।
चलने से पहले खुद को पूछो, कितना दूर जा पाओ गे।
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मन जिनके नियंत्रण में है, वो राजा से भी अमीर होते ।
जो अपने मन को नियंत्रण नहीं कर पाते, वो भिखारी से भी गरीब होते ।
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जो तुम्हे आता है, वो सीखो सही।
दूसरे को दूसरा कुछ आयेगा, लेकिन तुम रहना तुममे ही।
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बारिश निकलती है आँसू की तरह।
आसमान हल्का होता है, अंतरात्मा भी, महसूस करो जरा।
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दिमाग जिनके हाथ में है, उनके कोई हथियार नहीं चाहिए।
क्यूंकि वो सही समय पर दिमाग लगा पाते, उलटी सीधी बिना बताये।
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किसके अंदर क्या है, वो भगवान को भी नहीं पाता।
समय पर निकलता है वो, महाकाल बैठ के सुनता।
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मैं अपने स्थान पर सही।
कौन मुझसे आगे है और कौन पीछे, मुझे पाता नहीं।
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कौन कहां पर रहता है, मुझे कैसे पाता।
मैं तो अपने में खुश, आज़ादी इसे कहता।
Intezaar kar rahe haa maut da
hun ithe mera ji nahi lagda
kariye v ki ithe dardaa ch reh ke
jadon saadi koi ithe kadar ni karda
ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹਾਂ ਮੋਤ ਦਾ
ਹੁਣ ਇਥੇ ਮੇਰਾ ਜੀ ਨਹੀਂ ਲੱਗਦਾ
ਕਰਿਏ ਵੀ ਕੀ ਇਥੇ ਦਰਦਾਂ ਚ ਰਹੇ ਕੇ
ਜਦੋਂ ਸਾਡੀ ਕੋਈ ਇਥੇ ਕਦਰ ਨੀ ਕਰਦਾ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷