कुछ बोलूं तो इतराते बहुत हो,
जानेमन तुम मुस्कुराते बहुत हो,
मन करता है तुम्हे दावत पर बुलाऊँ,
लेकिन जानेमन तुम खाते बहुत हो।
Enjoy Every Movement of life!
कुछ बोलूं तो इतराते बहुत हो,
जानेमन तुम मुस्कुराते बहुत हो,
मन करता है तुम्हे दावत पर बुलाऊँ,
लेकिन जानेमन तुम खाते बहुत हो।
Yun fasle na badha marz aur ilaz ke bich
Mai kahi mar na jau kal aur aaj ke bich🍁
यूँ फ़ासले न बढ़ा मर्ज और इलाज के बीच
मैं कहीं मर न जाऊं कल और आज के बीच🍁
dekh kar tumko aksar hame yeh ehsaas hota hai
kabhi kabhi dukh dene wala bhi kitna khaas hota hai
देख कर तुमको अक्सर हमे ये एहसास होता है …
कभी कभी दुःख देने वाला भी कितना ख़ास होता है 😭 💔 😢