कुछ बोलूं तो इतराते बहुत हो,
जानेमन तुम मुस्कुराते बहुत हो,
मन करता है तुम्हे दावत पर बुलाऊँ,
लेकिन जानेमन तुम खाते बहुत हो।
Enjoy Every Movement of life!
कुछ बोलूं तो इतराते बहुत हो,
जानेमन तुम मुस्कुराते बहुत हो,
मन करता है तुम्हे दावत पर बुलाऊँ,
लेकिन जानेमन तुम खाते बहुत हो।
ना जाने क्यों वो हमे देखकर नजरे झुका रहे है,
ना जाने क्यों वो हमे देखकर नजरे झुका रहे है,
ना जाने क्यों वो हमे देखकर बिना वजह मुस्कुरा रहे है,
कोई तो राज ह जो वो दिल मे छुपा रहे है।
