कुछ बोलूं तो इतराते बहुत हो,
जानेमन तुम मुस्कुराते बहुत हो,
मन करता है तुम्हे दावत पर बुलाऊँ,
लेकिन जानेमन तुम खाते बहुत हो।
कुछ बोलूं तो इतराते बहुत हो,
जानेमन तुम मुस्कुराते बहुत हो,
मन करता है तुम्हे दावत पर बुलाऊँ,
लेकिन जानेमन तुम खाते बहुत हो।
Andhera mit ta nhi mitana padta hai
Bujhe chirag ko fir se jalana padhta hai
Andhera mitane ke liye nazriya badalna padega
Bas nazriya badal do bujha chirag fir se jal jayega..
अंधेरा मिटता नहीं! मिटाना पडता है!
बुझे चिराग को फिर से जलाना पड़ता है।
अंधेरा मिटाना के लिए नज़रिया बदलना पड़ेगा।
बस नज़रिया बदल दो बुझा चिराग फिर से जल जाएगा
Likhti to pehle bhi thi mein
Magar dil jab se toota hai mashoor ho gyi hu ✍️
लिखती तो पहले भी थी मैं,
मगर दिल जब से टूटा है मशहूर हो गई हू✍️