कुछ बोलूं तो इतराते बहुत हो,
जानेमन तुम मुस्कुराते बहुत हो,
मन करता है तुम्हे दावत पर बुलाऊँ,
लेकिन जानेमन तुम खाते बहुत हो।
कुछ बोलूं तो इतराते बहुत हो,
जानेमन तुम मुस्कुराते बहुत हो,
मन करता है तुम्हे दावत पर बुलाऊँ,
लेकिन जानेमन तुम खाते बहुत हो।
Na taro ki mehfil na nadi ka kinara…
aapka dil❣️ ho bas aashiyana hamara…
sab gva kar bhi pa lenge aapko…
par aapse judaa hona nhi h gvaraa aa🥰
तारों की महफिल न नदी का कनारा
आ स आशियाना हमारा
सबगवा कर भी पा लेंगे आपको
प आप से जुदा होना नही हमे गवारा 🥰
Kya hua jo abb tu mere saath nahi hai,
Ab pehle jaisa din aur raat nahi hai
is baat ka malaal nahi hai mujhe, malaal to yeh hai
ki abb jeene me woh bachpan wali baat nahi hai
क्या हुआ जो अब तु मेरे साथ नहीं है,
अब पहले जैसा दिन और रात नहीं है,
इस बात का मलाल नहीं है मुझे, मलाल तो ये है,
की अब जीने में वो बचपन वाली बात नहीं है।
– विक्रम