
ke burhape vich hassan joge ho jao
te izaat aisi kamaoo
ke bacheyan nu kuchh dassan joge ho jao

Tu naal howe ta zindagi khoobsurat e
Tu nhi taa jiona khuaar🫠..!!
Tenu Socha ta jag v sohna jeha lagde
Na Socha ta duniya bekaar💯..!!
ਤੂੰ ਨਾਲ ਹੋਵੇਂ ਤਾਂ ਜਿੰਦਗੀ ਖੂਬਸੂਰਤ ਏ
ਤੂੰ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਜਿਊਣਾ ਖੁਆਰ🫠..!!
ਤੈਨੂੰ ਸੋਚਾਂ ਤਾਂ ਜੱਗ ਵੀ ਸੋਹਣਾ ਜਿਹਾ ਲਗਦੈ
ਨਾ ਸੋਚਾਂ ਤਾਂ ਦੁਨੀਆ ਬੇਕਾਰ💯..!!
“सोचता हूँ, के कमी रह गई शायद कुछ या
जितना था वो काफी ना था,
नहीं समझ पाया तो समझा दिया होता
या जितना समझ पाया वो काफी ना था,
शिकायत थी तुम्हारी के तुम जताते नहीं
प्यार है तो कभी जमाने को बताते क्यों नहीं,
अरे मुह्हबत की क्या मैं नुमाईश करता
मेरे आँखों में जितना तुम्हें नजर आया,
क्या वो काफी नहीं था I
सोचता हूँ के क्या कमी रह गई,
क्या जितना था वो काफी नहीं था
“सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I
उनके मुँह से निकले सारे अल्फाजों को याद कर लूँ कभी I
ऐसी क्या मज़बूरी होगी उनकी की हम याद नहीं आते I
सोचता हूँ तोहफा भेज कर अपनी याद दिला दूँ कभी I
सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I