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Je tadap ch hoyia akhan nam Na || true love shayari || sacha pyar shayari

Je tadap ch hoyia akhan nam Na
Intzaar kitta ta ki kitta..!!
Je tu yaar layi pagl baneya naaa
Dass pyar kitta ta ki kitta..!!

ਜੇ ਤੜਪ ‘ਚ ਹੋਈਆਂ ਅੱਖਾਂ ਨਮ ਨਾ
ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਕੀ ਕੀਤਾ..!!
ਜੇ ਤੂੰ ਯਾਰ ਲਈ ਪਾਗਲ ਬਣਿਆ ਨਾ
ਦੱਸ ਪਿਆਰ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਕੀ ਕੀਤਾ..!!

Title: Je tadap ch hoyia akhan nam Na || true love shayari || sacha pyar shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Me hora warga kyu nahi || Shayari punjabi

Duniyaa tainu kabool karu
tu eh veham kadh de
Eh v sundar oh v sundar
tu kyu ni sohna
apne aap nu horaa jeha
mna banauna chhadd de
loki banna chahn tere jeha
aisa koi kil gadh de
hora jeha mnaa banna chhad de

ਦੁਨੀਆ ਤੈਨੂੰ ਕਬੂਲ ਕਰੂੰ
ਤੂੰ ਇਹ ਬੈਹਮ ਕੱਡ ਦੇ
ਇਹ ਵੀ ਸੁੰਦਰ ਉਹ ਵੀ ਸੁੰਦਰ
ਤੂੰ ਕਿਉ ਨੀ ਸੋਹਣਾ
ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਹੋਰਾਂ ਜਿਹਾ
ਮਨਾ ਬਣਾਉਣਾ ਛੱਡ ਦੇ
ਲੋਕੀਂ ਬਣਨਾ ਚਾਹਣ ਤੇਰੇ ਜਿਹਾ
ਐਸਾ ਕੋਈ ਕਿੱਲ ਗੱਡ ਦੇ
ਹੋਰਾਂ ਜਿਹਾ ਮਨਾ ਬਨਣਾ ਛੱਡ ਦੇ

Title: Me hora warga kyu nahi || Shayari punjabi


याद है ना तुम्हें || hindi poetry

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

तुम्हारे गुजरे पलों में बेशक मैं नहीं थी
तुम्हारे संग भविष्य की अपेक्षा भी नहीं थी
हां,वर्तमान के कुछ चंद क्षण
साझा करने की ख्वाहिश जरुर थी।

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

देखो, आज फिर उंगलियों ने मेरी
कलम उठाई है
कुछ अनसुनी भावनाओं को संग अपने
समेट लाई है
माना ,मेरे शब्दों ने आहत किया तुम्हें
लेकिन क्या,असल भाव को पहचाना तुमने?

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

उलझ गए तुम निरर्थक शब्दों में
पढ़ा नहीं जो लिखा है कोमल हृदय में
चल दिए छोड़ उसे, तुम अपनी अना में
बंधे थे हम तुम, जिस अनदेखे रिश्ते की डोर में

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

बीत गए कई बारिश के मौसम
क्या धुले नहीं, जमे धूल मन के?
है अर्जी मेरी चले आओ तुम
मेरे भीतर के तम को रोशनी दिखाओ तुम..

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

Title: याद है ना तुम्हें || hindi poetry