Je udeek karn naal yaar milde
taa ithe koi aashq raata nu ronda naa
ਜੇ ਉਡੀਕ ਕਰਨ ਨਾਲ ਯਾਰ ਮਿਲਦੇ
ਤਾਂ ਇਥੇ ਕੋਈ ਆਸ਼ਕ ਰਾਤਾਂ ਨੂੰ ਰੋਂਦਾ ਨਾਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Je udeek karn naal yaar milde
taa ithe koi aashq raata nu ronda naa
ਜੇ ਉਡੀਕ ਕਰਨ ਨਾਲ ਯਾਰ ਮਿਲਦੇ
ਤਾਂ ਇਥੇ ਕੋਈ ਆਸ਼ਕ ਰਾਤਾਂ ਨੂੰ ਰੋਂਦਾ ਨਾਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
तन पर खराब पुराने कपड़े होते हैं,
पैर मिट्टी में पूरी तरह सने होते हैं,
कड़ी सुलगती धूप में काम करते हैं जो,
ये कोई और नहीं सिर्फ किसान है वो,
धरती की छाती हल से चीर देते हैं,
हमारे लिए अन्न की फसल उगा देते हैं,
किसान अपनी फसल से बहुत प्यार करते हैं,
गरमी, सरदी, बरसात में जूझते रहते हैं,
मान लेते हैं की किसान बहुत गरीब होते हैं,
हमारी थाली में सजा हुआ खाना यही देते हैं,
इनके बिना हमें अनाज कभी मिल नहीं पाता,
दौलत कमा लेते पर कभी पेट न भर पाता,
भूमि को उपजाऊ बनाने वाले किसान है,
हमारे भारत का मान, सम्मान और शान हैं,
ये सच्ची बात सब अच्छे से जानते हैं,
किसान को हम अपना अन्नदाता मानते हैं,
हम ये बात क्यों नहीं कभी सोचते हैं,
गरीब किसान अपना सब हमें देते हैं,
हम तो पेट भर रोज खाना खा लेते हैं,
किसान तो ज्यादतर खाली पेट सोते हैं,
तरुण चौधरी
Mera ek sapna hai ki,aaya tha tere cokh mein
Maa marna hai tumhaare god mein
Is iltaja ko ey khuda tu manzoor kar,
mujhe kal mot aaye to meri maa se pehle,
khuda tu mujhe le chal
Ane waali hai vo kal, khuda tu mujhe le chal😥