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jeeven saathi || soulmate || Punjabi shayari

Bas seerat da sohna mil jaawe
bahute sohni soorat di naa aas saanu
ik dil da saaf howe zindagi ch aun wala
jo umar bhar nibhawe o chahida saath saanu

ਬਸ ਸੀਰਤ ਦਾ ਸੋਹਣਾ🤗ਮਿਲ ਜਾਵੇ..
ਬਹੁਤੇ ਸੋਹਣੀ ਸੂਰਤ👥 ਦੀ ਨਾ ਆਸ ਸਾਨੂੰ🥀..
ਇਕ ਦਿਲ💕ਦਾ ਸਾਫ ਹੋਵੇ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਚ ਆਉਣ ਵਾਲਾ..
ਜੋ ਉਮਰ ਭਰ ਨਿਭਾਵੇ ਓ ਚਾਹੀਦਾ ਸਾਥ ਸਾਨੂੰ..

Title: jeeven saathi || soulmate || Punjabi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Saah saare tere naam || true love shayari but sad

Ohnu kinjh dilawa yakeen pyaar mere te
kinjh kalle kale hanju naal tutte khaab mere aa
naam baah te likhiyaa jo mitt chaleyaa e
saah saare de saare laaye naam tere aa

ਉਹਨੂੰ ਕਿੰਝ ਦਿਲਾਵਾ ਯਕੀਨ ਪਿਆਰ ਮੇਰੇ ਤੇ
ਕਿੰੰਝ ਕੱਲੇ ਕੱਲੇ ਹੰਝੂ ਨਾਲ ਟੁੱਟੇ ਖ਼ਾਬ ਮੇਰੇ ਆ
ਨਾਮ ਬਾਂਹ ਤੇ ਲਿੱਖਿਆ ਜੋ ਮਿੱਟ ਚੱਲਿਆ ਏ
ਸਾਹ ਸਾਰੇ ਦੇ ਸਾਰੇ ਲਾਏ ਨਾਮ ਤੇਰੇ ਆ

Title: Saah saare tere naam || true love shayari but sad


Camel ki gardan || akbar birbal kahani

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: Camel ki gardan || akbar birbal kahani