Asi mann baithe c rabb jihnu
oh khuda bnagyi hoora nu
ki bakshna c ohne saad yaaro
jehdi lutt ke laigyi choora nu
Asi mann baithe c rabb jihnu
oh khuda bnagyi hoora nu
ki bakshna c ohne saad yaaro
jehdi lutt ke laigyi choora nu
Zara si baat par na chod apno ka daman✖️
Kyunki zindagi beet jati hai apno ko apna banane mein ✌️
जरा सी बात पर न छोड़ अपनों का दामन, ✖️
क्योंकि जिंदगी बीत जाती है अपनों को अपना बनाने में।✌️
रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..