Jhutha hi sahi tasli na diya hota,
Gar Ishq nahi tha hamse toh kabul bhi na kiya hota.
झूठा ही सही तसली ना दिया होता,
गर इश्क़ नही था हमसे तो कबूल भी ना किया होता|
Jhutha hi sahi tasli na diya hota,
Gar Ishq nahi tha hamse toh kabul bhi na kiya hota.
झूठा ही सही तसली ना दिया होता,
गर इश्क़ नही था हमसे तो कबूल भी ना किया होता|
Good things come to people who wait, but better things come to those who go out and get them.🙌
घर मेरा एक बरगद है…..
मेरे पापा जिसकी जड़ है…!!
घनी छायो है मेरी माँ..
यही है मेरे आसमान…!!
पापा का है प्यार अनोखा..
जैसे शीतल हवा का झोका …!!
माँ की ममता सबसे प्यारी …
सबसे सुंदर सबसे नयारी….!!
हाथ पकड़ चलना सिखलाते
पापा हमको खूब घूमते ….!!
माँ मलहम बनकर लग जाती …
जब भी हमको चोट सताती..!!
माँ पापा बिन दुनिया सुनी
जैसे तपती आग की धुनी..!!
माँ ममता की धारा है …
पिता जीने का सहारा है…!!