jindagee aaj kal gujar rahee hai imtihaano ke daur se,
ek jakhm bharata nahee doosara aane kee jid karata hai…
जिन्दगी आज कल गुजर रही है इम्तिहानो के दौर से,
एक जख्म भरता नही दूसरा आने की जिद करता है…
jindagee aaj kal gujar rahee hai imtihaano ke daur se,
ek jakhm bharata nahee doosara aane kee jid karata hai…
जिन्दगी आज कल गुजर रही है इम्तिहानो के दौर से,
एक जख्म भरता नही दूसरा आने की जिद करता है…
Jado tu meri zindagi Cho door hoyia c sajjna,
Eda laggeya jiwe sareer Cho nikal gyi meri rooh ni,
Daulat shohrat Fame eh sab kuj taan mil gya,
Par kamliye tu ni…💔
ਜਦੋਂ ਤੂੰ ਮੇਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਚੋਂ ਦੂਰ ਹੋਇਆ ਸੀ ਸੱਜਣਾ,
ਇਦਾਂ ਲੱਗਿਆ ਜਿਵੇਂ ਸ਼ਰੀਰ ਚੋਂ ਨਿਕਲ ਗਈ ਮੇਰੀ ਰੂਹ ਨੀ,
ਦੌਲਤ-ਸ਼ੋਹਰਤ ,Fame ਇਹ ਸਭ ਕੁੱਝ ਤਾਂ ਮਿਲ ਗਿਆ ,
ਪਰ ਕਮਲੀਏ ਤੂੰ ਨੀ..💔
लिखता मैं किसान के लिए
मैं लिखता इंसान के लिए
नहीं लिखता धनवान के लिए
नहीं लिखता मैं भगवान के लिए
लिखता खेत खलियान के लिए
लिखता मैं किसान के लिए
नहीं लिखता उद्योगों के लिए
नहीं लिखता ऊँचे मकान के लिए
लिखता हूँ सड़कों के लिए
लिखता मैं इंसान के लिए
क़लम मेरी बदलाव बड़े नहीं लाई
नहीं उम्मीद इसकी मुझे
खेत खलियान में बीज ये बो दे
सड़क का एक गढ्ढा भर देती
ये काफ़ी इंसान के लिए
लिखता हूँ किसान के लिए
लिखता मैं इंसान के लिए
आशा नहीं मुझे जगत पढ़े
पर जगत का एक पथिक पढ़े
फिर लाए क्रांति इस समाज के लिए
इसलिए लिखता मैं दबे-कुचलों के लिए
पिछड़े भारत से ज़्यादा
भूखे भारत से डरता हूँ
फिर हरित क्रांति पर लिखता हूँ
फिर किसान पर लिखता हूँ
क्योंकि
लिखता मैं किसान के लिए
लिखता मै इंसान के लिए