jindagee aaj kal gujar rahee hai imtihaano ke daur se,
ek jakhm bharata nahee doosara aane kee jid karata hai…
जिन्दगी आज कल गुजर रही है इम्तिहानो के दौर से,
एक जख्म भरता नही दूसरा आने की जिद करता है…
jindagee aaj kal gujar rahee hai imtihaano ke daur se,
ek jakhm bharata nahee doosara aane kee jid karata hai…
जिन्दगी आज कल गुजर रही है इम्तिहानो के दौर से,
एक जख्म भरता नही दूसरा आने की जिद करता है…
Palla fadh ke dil vich jad le ve
Tere hizran ch ruli zindgani nu..!!
Kumlai fire aa sambh ta sahi
Tere ishq ch hoyi deewani nu❤️..!!
ਪੱਲਾ ਫੜ੍ਹ ਕੇ ਦਿਲ ਵਿਚ ਜੜ੍ਹ ਲੈ ਵੇ
ਤੇਰੇ ਹਿਜਰਾਂ ‘ਚ ਰੁਲੀ ਜ਼ਿੰਦਗਾਨੀ ਨੂੰ..!!
ਕੁਮਲਾਈ ਫਿਰੇ ਆ ਸਾਂਭ ਤਾਂ ਸਹੀ
ਤੇਰੇ ਇਸ਼ਕ ‘ਚ ਹੋਈ ਦੀਵਾਨੀ ਨੂੰ❤️..!!
वो मेरे चर्चे गुफ्तगू के बहाने से सबसे करते हैं,
ये जान के भी हम इस बात से हर पल मरते हैं,
जिन अपनो को के लिए सीने में मोहब्बत थी,
उनके अब हम पास गुजरने से भी बहुत डरते हैं,
मुझे कैद करके कितना जीने दे सकोगे तुम भला,
देखो कितनी शिद्दत से हम मौत की दुआ पढ़ते हैं,
मेरी जान को गुनाहों से तौल कर क्या पा लोगे,
मेरे हर्फ़ के वजन से गुनाह अक्सर बदलते हैं ,
उर्दू का कोई शायर होता मैं लफ्ज़ संभाल लेता,
गोया अगर होते तो लफ्ज़ न गिरते, न इतना संभलते।