मिलेगी परिंदों को मंजिल यकीनन
यह उनके फैले हुए पर बोलते है
अक्सर वो लोग खामोश रहते हैं
जमाने में जिनके हुनर बोलते हैं
Enjoy Every Movement of life!
मिलेगी परिंदों को मंजिल यकीनन
यह उनके फैले हुए पर बोलते है
अक्सर वो लोग खामोश रहते हैं
जमाने में जिनके हुनर बोलते हैं

तेरी आंखों में ये आज शरारत नई है
बदन में मेरे उठी ये हरारत नई है
क्या ये सब मेरे इश्क़ का असर है
या तेरे दिल में ये पल रही चाहत नई है
ये तेरे मस्कारे ये तेरा जुल्फे संवारना
लगता आज किसी पे क़यामत नई है
तेरे बेवफा इशारे खूब समझता हूं
लगता आज मेरे दिल पे शामत नई है