मिलेगी परिंदों को मंजिल यकीनन
यह उनके फैले हुए पर बोलते है
अक्सर वो लोग खामोश रहते हैं
जमाने में जिनके हुनर बोलते हैं
Enjoy Every Movement of life!
मिलेगी परिंदों को मंजिल यकीनन
यह उनके फैले हुए पर बोलते है
अक्सर वो लोग खामोश रहते हैं
जमाने में जिनके हुनर बोलते हैं
Yun to bheed kaafi huya karti thi, mehfil mein meri,
Fir mein sach bolta gya aur log uthte gaye..!💯
यूँ तो “भीड़” क़ाफी हुआ करती थी,”महफ़िल” में मेरी,
फिर मैं “सच” बोलता गया..और लोग “उठते” गए..!💯
