मिलेगी परिंदों को मंजिल यकीनन
यह उनके फैले हुए पर बोलते है
अक्सर वो लोग खामोश रहते हैं
जमाने में जिनके हुनर बोलते हैं
मिलेगी परिंदों को मंजिल यकीनन
यह उनके फैले हुए पर बोलते है
अक्सर वो लोग खामोश रहते हैं
जमाने में जिनके हुनर बोलते हैं
apanee to zindagee hai ajeeb kahaani hai,
jis cheez ko chaah hai vo hee begaani hai,
hansate bhee hai to duniya ko hansaane ke lie,
varana duniya doob jaaye in aakhon mein itana paani hai..
अपनी तो ज़िन्दगी है अजीब कहानी है,
जिस चीज़ को चाह है वो ही बेगानी है,
हँसते भी है तो दुनिया को हँसाने के लिए,
वरना दुनिया डूब जाये इन आखों में इतना पानी है..
Chup di awaaz nu oh jaane
jis ne aapni awaaz nu khud,
kade chup vich dabayea howe
ਚੁੱਪ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਨੂੰ ਉਹ ਜਾਣੇ
ਜਿਸ ਨੇ ਆਪਣੀ ਆਵਾਜ਼ ਨੂੰ ਖੁਦ,
ਚੁੱਪ ਵਿੱਚ ਦਬਾਇਆ ਹੋਵੇ