
Bayan kar sakan Jo mohobbat meri nu..!!

देशभक्ति कविताएं
1.
हिन्दुस्थान
मुल्क है अपना।
विश्व दरबार में
वो एक सपना।
आसमान में उड़ती
मन की आशा।
लहरों में मचलती
दिल की परिभाषा।
वायु में घूमती
आज़ादी की साँस।
मिटटी में रहती
बलिदान की अहसास।
मेरा देशवासियों
अपना भाई और बहन की समान।
एक आंख में हिन्दू,
दूसरे में मुस्लमान।
प्यार का बंधन
आंधी में भी न टूटा।
हम सब एक है,
फर्क झूठा।
2.
केदार देख के
लगता है
जीते रहु तूफान में
अंतिम समय तक।
गंगा देख के
लगता है
बहते रहु बंधन में
अंतिम साँस तक।
खेत की हरियाली देख के
लगता है
युवा रहु उम्र में
अंतिम यात्रा तक।
थार देख के
लगता है
उड़ते रहु आंधी में
अंतिम कड़ी तक।
हिन्द महासागर देख के
लगता है
घूमते रहु घूर्णी में
अंतिम सूर्यास्त तक।
भारत माता को देख के
लगता है
खिलते रहु उनकी गोद में
अंतिम संस्कार तक।
Thaam loon tera hath is kadar ki sansein juda na ho 🥰
Mohobbat ho charo taraf aur koi khuda na ho 😍
Lakeere tere naam ki mere hathon mein ho ya na ho 😊
Rahe jism bhi alag par rooh juda na ho… ❤
थाम लूं तेरा हाथ इस क़दर की सांसे जुदा न हो, 🥰
मोहब्बत हो चारों तरफ और कोई ख़ुदा न हो, 😍
लकीरें तेरे नाम की मेरे हाथों में हो या न हो,😊
रहे जिस्म भी अलग पर रूह जुदा न हो…❤