koi tha jise ham bhi pyaar karte the
wo gairo ki baaho me dikha jise ham beinthaa karte the
कोइ था जिसे हम भी प्यार करतेे थे ।
वो गैरों की बाहों में दिखा जिसे हम बेइंतेहा प्यार करते थे।
koi tha jise ham bhi pyaar karte the
wo gairo ki baaho me dikha jise ham beinthaa karte the
कोइ था जिसे हम भी प्यार करतेे थे ।
वो गैरों की बाहों में दिखा जिसे हम बेइंतेहा प्यार करते थे।
मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
Aasman se Tod kar sitara diya hai,
Aalam-e-tanhaai mein ek sharara diya hai❤️
Meri kismat bhi naaz karti hai mujpe
Khuda ne dost hi itna pyara diya hai🥰
आसमान से तोड़ कर सितारा दिया है,
आलम-ए-तन्हाई में एक शरारा दिया है,❤️
मेरी किस्मत भी नाज़ करती है मुझपे,
खुदा ने दोस्त ही इतना प्यारा दिया है।🥰