Chup di awaaz nu oh jaane
jis ne aapni awaaz nu khud,
kade chup vich dabayea howe
ਚੁੱਪ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਨੂੰ ਉਹ ਜਾਣੇ
ਜਿਸ ਨੇ ਆਪਣੀ ਆਵਾਜ਼ ਨੂੰ ਖੁਦ,
ਚੁੱਪ ਵਿੱਚ ਦਬਾਇਆ ਹੋਵੇ
Chup di awaaz nu oh jaane
jis ne aapni awaaz nu khud,
kade chup vich dabayea howe
ਚੁੱਪ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਨੂੰ ਉਹ ਜਾਣੇ
ਜਿਸ ਨੇ ਆਪਣੀ ਆਵਾਜ਼ ਨੂੰ ਖੁਦ,
ਚੁੱਪ ਵਿੱਚ ਦਬਾਇਆ ਹੋਵੇ
हर वक्त एक अंजान साया सा, मेरे पास घूमता रहता है..
मेरे दिल से जुडा है वो शायद, मेरी रूह चूमता रहता है..
बताता नहीं है मुझको कुछ, और ना मुझसे कुछ कहता है..
मेरी मर्जी हो या ना हो मगर, शागिर्द बना वो रहता है..
दिन और रात वो बस मेरे, आगोश में पलता रहता है..
मैं चाहुं या फिर ना चाहुं, मेरे साथ वो चलता रहता है..
हर खुशी बांटता है मेरी, हर गम मेरे संग सेहता है..
आखिर साया है ये किसका, ये सवाल जहन में रहता है..
Nasamajh log presaan hai rizk ko kamane me
Are tu razi kr razik ko rizk tujhe wo dega🙏
नासमझ लोग परेशान हैं रिज़्क़ को कमाने में
अरे तू राज़ी कर राजिक को रिज़्क़ तुझे वो देगा🙏