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Jisne khud apni awaaz nu

Chup di awaaz nu oh jaane
jis ne aapni awaaz nu khud,
kade chup vich dabayea howe

ਚੁੱਪ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਨੂੰ ਉਹ ਜਾਣੇ
ਜਿਸ ਨੇ ਆਪਣੀ ਆਵਾਜ਼ ਨੂੰ ਖੁਦ,
ਚੁੱਪ ਵਿੱਚ ਦਬਾਇਆ ਹੋਵੇ

Title: Jisne khud apni awaaz nu

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


छोटे भाई पर कविता || Brother poetry || Hindi poetry

सदा तुम नफरत करते हो ,पर तुमको मुझसे प्यार हैं
मेरा प्रेम हैं हल्का फुल्का , पर ये नफरत तुम पर ही भार हैं |

जो नफरत बन फुट पड़ी हैं , बस वही प्यार का सार हैं
चाहे जितनी शिद्दत कर लो , मुझको यह स्वीकार हैं ,

भैया तुम क्या जानो कितना प्यार मुझसे करते हो
अपने दिल के हाथों तुम , इतना क्यों बेजार हो

तेरे दर पर जब आउंगी क्या दूर खड़े ही पाओगे
निश्चल जड़ बन खड़े रहोगे , आँख में भर ना पाओगे |

मामा कह जब वे दौड़ेंगे ,क्या उन्हें गोद में न ले पाओगे
बच्चों की मुस्कान देख तुम , क्या निष्ठुर रह पाओगे

जब शादी होगी तेरी तो क्या जीजू से द्वेष मनाओगे
बहने करती हैं जो रश्मे ,वो किस्से करवाओगे

कोन करेगा टिका तेरा , हल्दी किससे लगवाओगे
बहन से होगी इतनी नफरत तो, गैरो से खाक निभाओगे

प्यार में ज्यादा शक्ति हैं या नफरत में हैं बताओगे
मैं तुम्हे चुनोती देती हैं , तुम नफरत करके दिखलाओगे

तुम गुस्से को मत शांत करो ,और नफरत मुझेसे करते रहना
स्नेह की अग्नि पावन हैं , तुम ही पिघलोगे ये कहती बहना

Title: छोटे भाई पर कविता || Brother poetry || Hindi poetry


Hun fikar teri ch || punjabi shayari

hasda wasda chehra
hun tere karke raunda aa
befikraa si dil mera
hun fikar teri  ch saundaa aa

ਹਸਦਾ ਵਸਦਾ ਚੇਹਰਾ
ਹੁਣ ਤੇਰੇ ਕਰਕੇ ਰੋਂਦਾ ਐ
ਬੇਫਿਕਰਾ ਸੀ ਦਿਲ ਮੇਰਾ
ਹੁਣ ਫ਼ਿਕਰ ਤੇਰੀ ਚ ਸੌਂਦਾ ਐ

—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

 

Title: Hun fikar teri ch || punjabi shayari