जीवन के दरिया में
एक कश्ती सा है मन
कहती हैं…
हालात की लहरें,
कि सफ़र में अभी
आज़माइश बाक़ी है!
समझाना मन को और
समझना उसे…
कि साथ है जब तक ये
हर गुंजाईश बाक़ी है।
Enjoy Every Movement of life!
जीवन के दरिया में
एक कश्ती सा है मन
कहती हैं…
हालात की लहरें,
कि सफ़र में अभी
आज़माइश बाक़ी है!
समझाना मन को और
समझना उसे…
कि साथ है जब तक ये
हर गुंजाईश बाक़ी है।

shayari:
jehra v bacheyaa e saah hun mera
door jande jande tere naam kar jaana e sajjna
vakh ho k saddhe ton tainu farak ni paina
te asin ro ro k mar jaana e sajjhna