जीवन के दरिया में
एक कश्ती सा है मन
कहती हैं…
हालात की लहरें,
कि सफ़र में अभी
आज़माइश बाक़ी है!
समझाना मन को और
समझना उसे…
कि साथ है जब तक ये
हर गुंजाईश बाक़ी है।
जीवन के दरिया में
एक कश्ती सा है मन
कहती हैं…
हालात की लहरें,
कि सफ़र में अभी
आज़माइश बाक़ी है!
समझाना मन को और
समझना उसे…
कि साथ है जब तक ये
हर गुंजाईश बाक़ी है।
मुक्कमल भले प्यार हमारा न हुआ……..
उनका हक जताना भी कयामत था भूल जाना भी कुबूल है वफा कर बेवफा कहलाना तो दुनिया का उसूल है
गलत साबित हुए हमेशा…………
उनका हमे आजमाना भी कयामत था ठुकराना भी कुबूल है वफा कर बेवफा कहलाना तो दुनिया का उसूल है
किताब के कहीं किसी पन्ने पर तो होंगे जरूर……..
उनका याद आना भी कयामत था भूल जाना भी कुबूल है वफा कर बेवफा कहलाना तो दुनिया का उसूल है
