
Jiwe ishq de mamle ton pachde c..!!
Hun rooh nu aa injh mil hi gaye
Jiwe kayi janma ton vichde c..!!

ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना
उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना
आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।
आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना
बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो
मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना
क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी
जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना
वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन
वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना
Gale se lagana to mujhe
Khudko simat te dekhna Hai……!!
Bikhra hu mein har baar
Is baar sanwarte dekhna Hai……!!
गले से लगाना तो मुझे
खुदको सिमट ते देखना है..!!
बिखरा हूँ मैं हर बार
इस बार संवरते देखना है..!!