Jo sab to kol hon da dava karda
Zindagi vi ohi tbhaa karda
Jo sab to kol hon da dava karda
Zindagi vi ohi tbhaa karda
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब राहो में मेरे साथ हो तुम।
मुझे नहीं चाहिए दौलत सूरत
मेरी इक बस अरमान हो तुम।
बंजर पड़ी मेरी ज़िंदगी को
शोभन करे वो बरसात हो तुम।
मेरी कौफ सी काली रातो को
रोषण करे वो चांद हो तुम।
मेरा दिन बन जाता लबो पे आते
वो खुदा सुनहरा नाम हो तुम।
मेरी हर मुश्किल को चीर के आगे
वो धनुष से निकला बान हो तुम।
मेरी हर दर्द को दुर करे
मलहम सा लगा बाम हो तुम।
मुझे क्या जरूरत किसी ऑर सक्स की
जब हर लम्हों में साथ हो तुम।
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।
जो तन को पल में सीतल कर दे
वो सुबह की पहली आजन हो तुम।
जो सह ले हर करवी बाते
वो मधुर मीठी मुस्कन हो तुम।
जो राहत से भितम गरमी से
वो पेरो की ठंडी छाओ हो तुम।
खोल दे आखे सही वक्त पे
वो शोर करती आलार्म हो तुम।
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।।
Loki kehnde madha ho gya
me v kehta haske
shareer pakhon ho sakda dilon nai
ਲੋਕੀ ਕਹਿੰਦੇ ਮਾੜਾ ਹੋ ਗਿਆ
ਮੈਂ ਵੀ ਕਹਿਤਾ ਹੱਸਕੇ
ਸ਼ਰੀਰ ਪੱਖੋਂ ਹੋ ਸਕਦਾ ਦਿਲੋਂ ਨੀ