ਜੋ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਚ ਬੰਦੇ ਖਾਸ ਕੁਭੇ,
ਸੱਚ ਪੁਸ਼ੇ ਤਾ ਓਹਨਾ ਦੇ ਦਿਲ ਵਿਚ ਖ਼ਾਰ ਬੜੇ🥀🙂
Jo Zindagi Ch Banda Khaas Kudaa,
Sach Pucha Ta Ohna De Dil Vich Khaar Badaa🥀🙂
-Karan Bhardwaj✍️🥀
ਜੋ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਚ ਬੰਦੇ ਖਾਸ ਕੁਭੇ,
ਸੱਚ ਪੁਸ਼ੇ ਤਾ ਓਹਨਾ ਦੇ ਦਿਲ ਵਿਚ ਖ਼ਾਰ ਬੜੇ🥀🙂
Jo Zindagi Ch Banda Khaas Kudaa,
Sach Pucha Ta Ohna De Dil Vich Khaar Badaa🥀🙂

Jiwe landi rahi hwa suke pateyaan chon
naina cho ho ke supne unjh langde rahe
ik mileyaa na pyar tera
jo hameshan asin mangde rahe
दिवाली पर पापा को बोनस मिलता था तनख्वाह थोड़ी ज्यादा आती थी सबको मालूम था दिवाली पर भी नए कपड़े लेने के लिए पैसे गिनकर मिलते थे कोई अगर बीमार हो जाए तो वो नए कपड़े भी कैंसल हो जाते थे। बचपन से ही एडजस्ट करने की आदत लग जाती है ये आदत अच्छी हो होती है पर कभी कभी बुरी भी होती है। धीरे धीरे बड़े हुए तो पता था मम्मी पापा को कुछ बनकर दिखाना है ये ख्वाब साथ लेकर चला पर बाहर निकले घर से तो ये पता चला कि जो मेरा ख्वाब है वही सबका भी ख्वाब था सबको अपनी जिंदगी में मेरी तरह ही कुछ करना था। जैसे तैसे एक नौकरी लगी वो भी मेरी पसंद की नही थी पर पापा का हाथ बंटाने के लिए भी तो कुछ करना था अपने दिल को समझकर वो नौकरी कर ली मुझे नौकरी लगी ये सुनकर मम्मी पापा दोनो खुश हो जाए पापा की आखों से तो आंसू ही आ गए आंखो से निकलते आंसू भी उस दिन मुझसे बात कर रहे थे मानो वो ये कह रहे थे की अब मेरे कंधो का थोड़ा बोझ कम हुआ मेरे साथ कोई कमाने वाला आ गया। उस दिन से मैंने वो नौकरी ज्वाइन कर ली और उसकी भी आदत सी पड़ गई।