सेंटीमेंट आग से भी भयंकर।
आग जलाता है बाहर से, लेकिन वो रुलाता है अंदर।
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जिनको जल जाना होता है, उनको कौन रोकेगा।
ये आग नहीं, प्यार का अल्फा ओमेगा।
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जिंदगी नाव है, समय माझी।
बहता हु में, लहर की आवाज़ सुनोजी।
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लोग कहते है प्यार के साथ कविता जुड़े है।
प्यार जिंदगी का दूसरा नाम और जिंदगी कविता की रूप है।
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बहुत लोगों का प्यार टूट जाता है।
जीवन के साथ प्यार होता है समय का, यही प्रगति है।
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जिंदगी के मैदान में कितने सारे हीरो खेलते है।
लेकिन सिर्फ एक विजेता इतिहास लिखते है।
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खुद को समझाओ, किसी को समझाना मुश्किल।
समय अदालत है, और वक्त वकील।
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कोरोना घातक है, लेकिन दरिद्रता नियति।
रोग में मरे बहुत, अब भूख के अगन में आत्माहुति।
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रिश्ते लहर की तरह।
उठती है, गिरती है, टूटती हे धारा।
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घर में लक्ष्मी है तो सब कुछ है।
धन उनकी रूप और सम्पद उनकी रूह है।
Shaakh se toote patte sa ho gya hoon mein
Kisi ne smeta bhi to jalane k liye..!!
शाख से टूटे पत्तों सा हो गया हूँ मैं
किसी ने समेटा भी तो जलाने के लिए..!!