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KAALI RAAT

Ik kali raat te dujhi teri yaad saanu barra tang kardi

Ik kali raat te dujhi teri yaad
saanu barra tang kardi


Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Intezaar || hindi shayari || janamdin shayari

Shukriyaa khuda ka zameen pe utara aapko aaj ke din
Chalo ek aur dafa manaaye yeh haseen din aapke bin
Muntazir toh iss tarah rehta hai pagla jaise dil milenge iss din
Apna bhool jaunga par nahi bhool paunga aapka janamdin..

Jab tum deewar par apna sar rakhti ho
Toh bahot khoobsurat lagti ho..
Phir jab tum muskura deti ho
Toh usse bhi jyada khoobsurat lagti ho..

Kehdo ki jab main tumhe din mein
Pehli dafa dekhta hoon
Toh mugh par nazar nahi rakhti
Kehdo ki jab main tumhari ore
Kadam badhata hoon
Toh tumhari dhadkan nahi badhti
Kehdo ki jab main tumhare
Roobaroo baithta hoon
Toh mere rukh ko itmenaan se nahi dekhti
Kehdo ki mere jaane ke baad
Tumne ek baar bhi meri
Kami mehsoos nahi ki
Ek aakhri baar meri kasam khaao aur
Kehdo ki har hafte tum meri
Shayari ka intezaar nahi karti..

Title: Intezaar || hindi shayari || janamdin shayari


आदमी एक खूबियाँ तीन || akbar story

एक बार अकबर और बीरबल बागीचे में बैठे थे। अचानक अकबर ने बीरबल से पूछा कि क्या तुम किसी ऐसे इन्सान को खोज सकते हो जिसमें अलग-अलग बोली बोलने की खूबी हों?

बीरबल ने कहा, क्यों नहीं, मै एक आदमी जानता हूँ जो तोते की बोली बोलता है, शेर की बोली बोलता है, और गधे की बोली भी बोलता है। अकबर इस बात को सुन कर हैरत में पड़ गए। उन्होने बीरबल को कहा किअगले दिन उस आदमी को पेश किया जाये।

बीरबल उस आदमी को अगले दिन सुबह दरबार में ले गए। और उसे एक छोटी बोतल शराब पीला दी। अब हल्के नशे की हालत में शराबी अकबर बादशाह के आगे खड़ा था। वह जानता था की दारू पी कर आया जान कर बादशाह सज़ा देगा। इस लिए वह गिड़गिड़ाने लगा। और बादशाह की खुशामत करने लगा। तब बीरबल बोले की हुज़ूर, यह जो सज़ा के डर से बोल रहा है वह तोते की भाषा है।

उसके बाद बीरबल ने वहीं, उस आदमी को एक और शराब की बोतल पिला दी। अब वह आदमी पूरी तरह नशे में था। वह अकबर बादशाह के सामने सीना तान कर खड़ा हो गया। उसने कहा कि आप नगर के बादशाह हैं तो क्या हुआ। में भी अपने घर का बादशाह हूँ। मै यहाँ किसी से नहीं डरता हूँ।

बीरबल बोले कि हुज़ूर, अब शराब के नशे में निडर होकर यह जो बोल रहा है यह शेर की भाषा है।

अब फिर से बीरबल ने उस आदमी का मुह पकड़ कर एक और बोतल उसके गले से उतार दी। इस बार वह आदमी लड़खड़ाते गिरते पड़ते हुए ज़मीन पर लेट गया और हाथ पाँव हवा में भांजते हुए, मुंह से उल-जूलूल आवाज़ें निकालने लगा। अब बीरबल बोले कि हुज़ूर अब यह जो बोल रहा है वह गधे की भाषा है।

अकबर एक बार फिर बीरबल की हाज़िर जवाबी से प्रसन्न हुए, और यह मनोरंजक उदाहरण पेश करने के लिए उन्होने बीरबल को इनाम दिया।

Title: आदमी एक खूबियाँ तीन || akbar story