
जब तेरी कब्र के पास होगी मेरी कब्र उस दिन होगी तुझे मेरी कदर

Phone kiya mene
Na uthana uski marzi hogi
Thukra diya pehla pyar
Ab shayad hi mohobbat dubara hogi 🥀
फोन किया मैंने
ना उठाना उसकी मर्जी होगी
ठुकरा दिया पहला प्यार
अब शायद ही मोहब्बत दुबारा होगी 🥀
न हम साथ चल प् रहे हैं
न ही हम दूर हो प् रहे हैं
और न ही खवाबो को छोड़ प् रहे हैं
न ही हकीकत में बदल पा रहे है
सबकुछ होते हुए भी
हमारे बीच खाली सा लगता है
न जाने क्यों ये रिस्ता हमारा
बिखड़ा सा लगता है
दोनों एकदूसरे के एकदम अपोजिट हैं
कुछ भी सिमिलर नहीं है तुम्हारे बीच
हम चाहते कुछ और हैं होता कुछ र है
न जाने ये ज़िंदगी कहा ले जा रही है हमे
मैं तुमसे बहुत कुछ कहना चाहती हु
पर कह नहीं प् रही हु