Kabhi haqeeqat ka aisa saaeya padhta hai
jo parshaai ki tarah hamaare saath rehta hai
कभी हकिकत का ऐसा साया पड़ता है।
जो परछाई की तरह हमारे साथ रहता है।
Kabhi haqeeqat ka aisa saaeya padhta hai
jo parshaai ki tarah hamaare saath rehta hai
कभी हकिकत का ऐसा साया पड़ता है।
जो परछाई की तरह हमारे साथ रहता है।
बड़ी मुश्किल है ये ज़िन्दगी….
यही तो गम है , जिसको संजोए रहता हूँ
जिनसे उम्मीद है , नाउम्मीद उन्हीं से रहता हूँ
कहनेको खुशियाँ हैं , दामन में बेशुमार मेरे
एक भी नहीं मिलती , जब दिल को टटोलता हूँ
कैसे साहिल तक , कश्ती को ले जाऊँ
टूट गया है सागर बीच , चप्पू मेरी नाव का
हवाएं संकेत देतीं हैं , आनेवाले तुफ़ा का
कहीं सपना अधूरा न रह जाए , किनारों का
बड़ी मुश्किल है ये ज़िन्दगी
लोग जाने यहाँ कैसे जीतें हैं
हमने तो जबभी सुकून ढ़ूंढ़ा
कशमकश के फ़साने मिलतें हैं
जरासी खुशी देकर , ज़िन्दगी लूट लेती है
अपने आकर्षण में फ़साके , गम खूब देती है
न रह पातें हैं , न निकल पातें हैं इससे
जाने कितनें जनमों का , ये हिसाब लेती है
कोई कुछ भी कहे , सभी इसी के मारें हैं
मरतें हैं कई बार , जीतें सांसों के सहारे हैं
इक दिन चुपके से चलेजातें हैं
क्या पाया क्या खोया , शुन्य में ये भी न जान पातें हैं
Satt dil te dhoongi badhi vaji aa
ni jo shayar bna chali aa
kalam chakni nahi c
aah tutti yaari teri chakwa chali aa
oh bol mere hanjuaa wangu kapi ute dige aa
oh sehaj ne likhne nahi c
oh tu aap likhwa chali aa
sat dil te dhoongi badhi vajhi aa
ni jo shayar bna chali aa
ni jo shayar bna chali aa
ਸਟ ਦਿਲ ਤੇ ਡੂੰਗੀ ਬੜੀ ਵਜੀ ਆ …
ਨੀ ਜੋ ਸ਼ਾਇਰ ਬਣਾ ਚਲੀ ਆ…
ਕਲਮ ਚਕਣੀ ਨਹੀਂ ਸੀ
ਆਹ ਟੁੱਟੀ ਯਾਰੀ ਤੇਰੀ ਚਕਵਾ ਚਲੀ ਆ…
ਉਹ ਬੋਲ ਮੇਰੇ ਹੰਜੂਆ ਵਾਂਗੂ ਕਾਪੀ ਉਤੇ ਡਿੱਗੇ ਆ
ਉਹ ਸਹਿਜ ਨੇ ਲਿਖਣਾ ਨਹੀਂ ਸੀ…
ਉਹ ਤੂ ਆਪ ਲਿਖਵਾ ਚਲੀ ਆ…
ਸਟ ਦਿਲ ਤੇ ਡੂੰਗੀ ਬੜੀ ਵਜੀ ਆ
ਨੀ ਜੋ ਸ਼ਾਇਰ ਬਣਾ ਚਲੀ ਆ…
ਨੀ ਜੋ ਸ਼ਾਇਰ ਬਣਾ ਚਲੀ ਆ…
-ਸਹਿਜ✍️