Kabhi haqeeqat ka aisa saaeya padhta hai
jo parshaai ki tarah hamaare saath rehta hai
कभी हकिकत का ऐसा साया पड़ता है।
जो परछाई की तरह हमारे साथ रहता है।
Enjoy Every Movement of life!
Kabhi haqeeqat ka aisa saaeya padhta hai
jo parshaai ki tarah hamaare saath rehta hai
कभी हकिकत का ऐसा साया पड़ता है।
जो परछाई की तरह हमारे साथ रहता है।
Ik din Yaad karenga tu
saadhi chahat nu
tad royenga tu badha
ਇਕ ਦਿਨ ਯਾਦ ਕਰੇਂਗਾ ਤੂੰ
ਸਾਡੀ ਚਾਹਤ ਨੂੰ
ਤਦ ਰੋਏਂਗਾ ਤੂੰ ਬੜਾ
बरसातों में शब भर भीगे भोर के मंज़र प्यासे हैं!
हमने जो भी गढ़े प्यार के सारे पैकर प्यासे हैं!
एक नशा सा घोल रहे हैं सबके मन मे ये लेकिन!
पढो़ गौर से इन नज्मों के सारे अक्षर प्यासे हैं!!
हर्ष✍️