Kabhi haqeeqat ka aisa saaeya padhta hai
jo parshaai ki tarah hamaare saath rehta hai
कभी हकिकत का ऐसा साया पड़ता है।
जो परछाई की तरह हमारे साथ रहता है।
Kabhi haqeeqat ka aisa saaeya padhta hai
jo parshaai ki tarah hamaare saath rehta hai
कभी हकिकत का ऐसा साया पड़ता है।
जो परछाई की तरह हमारे साथ रहता है।
Ki kuch jodha Nahi kuch jalaya nahi
mohabbat ho gayi hme kalm aur kitab se
kuyki apna dard kisiko bataya nahi
तुझे प्यार है हमसे ये जानते हैं हम
बयान न कर पाओगे ये भी मानते हैं हम
आंखें आपकी सभ बयान कर देती है हज़ूर
आँखों से की बातें खूब पहचानते हैं हम
सुनो अब तुम हाल हमारे दिल का
ये दिल भी तेरे ख्यालों में ही खोने लगा है
तुझे भी है पर फ़िर भी मुझे ज्यादा है
प्यार से भी ज्यादा प्यार तुझसे होने लगा है
प्यार हमें भी बेशुमार है..प्यार तुम्हें भी शिद्दत से है
फर्क सिर्फ इतना है
तुझे आज अभी अभी हुआ हमसे
हमें हुआ तुझसे कई मुद्दत से है
Shayar oggy