Kabhi haqeeqat ka aisa saaeya padhta hai
jo parshaai ki tarah hamaare saath rehta hai
कभी हकिकत का ऐसा साया पड़ता है।
जो परछाई की तरह हमारे साथ रहता है।
Kabhi haqeeqat ka aisa saaeya padhta hai
jo parshaai ki tarah hamaare saath rehta hai
कभी हकिकत का ऐसा साया पड़ता है।
जो परछाई की तरह हमारे साथ रहता है।
आजकल तुम्हारे बिना मुझे
कुछ भी अच्छा नहीं लगता है
जिधर भी देखु एकलौता मुझे
तुम्हारा ही चेहरा नजर आता है।
तू न दुनिया सी बन गयी हो मेरी ,
बस गुजारिस है तुमसे
की तुम दुनिया की तरह न हो जाना।
ठहरी हुयी सी मेरी
एक शाम हो गए हो तुम
बस गुजारिस है तुमसे
की तुम कहि ढल मत जाना
क्योकि तुमसे आगे मैंने
देखना अब छोड़ दिया है
तुम तक ही है मेरा अब जो भी है
बिन तुम्हारे भी चलना
मैंने अब छोड़ दिया है
तरुण चौधरी
G Karda
teriyaan yaada di tapdi ret vich tur jawan
har kadam kadam vich maas chhilawan
te naina de loone piniyaan vich khur jawan
ਜੀ ਕਰਦਾ ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਦੀ ਤੱਪਦੀ ਰੇਤ ਵਿੱਚ ਮੈਂ ਤੁਰ ਜਾਵਾਂ
ਹਰ ਕਦਮ ਕਦਮ ਤੇ ਮਾਸ ਛਿਲਾਵਾਂ
ਤੇ ਨੈਣਾਂ ਦੇ ਲੂਣੇ ਪਾਣੀਆਂ ਵਿੱਚ ਖੁਰ ਜਾਵਾਂ