
Akhaan meriyaan nu bhul gyaa e saunaa
raah takdiyaan ne tera, jive koi khada banjar vich
udeeke paunna
pata ni, ni tu kad mudh k auna

Akhaan meriyaan nu bhul gyaa e saunaa
raah takdiyaan ne tera, jive koi khada banjar vich
udeeke paunna
pata ni, ni tu kad mudh k auna
वो खुशियों की डगर, वो राहों में हमसफ़र,
वो साथी था जाना पहचाना,
दिल हैं उसकी यादों का दीवाना
वो साथ था जाना पहचाना
गम तो कई उसने भी देखे,
पर राहों में चले खुशियों को लेके
दिल चाहता हैं हर दम हम साथ चलें,
पर इस राह में कई काले बादल हैं घने
वो साथ था जाना पहचाना
मेरे आसुओं को था जिसने थामा,
मुझसे ज्यादा मुझको पहचाना
चारों तरफ था घनघोर अँधियारा,
बनकर आया था जीवन में उजियारा
वो साथ था जाना पहचाना
गिन-गिन कर तारे भी गिन जाऊ,
पर उसकी यादों को भुला ना पाऊ
कहता था अक्सर हर दिन हैं मस्ताना,
हर राह में खुशियों का तराना
वो साथ था जाना पहचाना
कहता हैं मुझे भूल जाना,
अपनी यादों में ना बसाना
देना चाहूँ हर ख़ुशी उसे,
इसीलिए, मिटाना चाहूँ दिल से
वो साथ था जाना पहचाना
तरुण चौधरी
खुद की जवां तस्वीर बूढ़ी पलकों ने देखी है,
बीती वो जिंदगी अब सूनी सड़कों में देखी है,
हालात वही है बस थोड़ा वक्त का तकाज़ा है,
गुज़रा था जो पल आज फिर थोड़ा ताज़ा है,🍂