Sochte hain seekh lain hm bhi berukhi karna sab se,
Sab ko mohobbat dete dete hmne apni kadar kho di hai…
सोचते है सीख ले हम भी बेरुखी करना सब से ,
सब को महोब्बत देते देते हमने अपनी क़दर खो दी है…
Sochte hain seekh lain hm bhi berukhi karna sab se,
Sab ko mohobbat dete dete hmne apni kadar kho di hai…
सोचते है सीख ले हम भी बेरुखी करना सब से ,
सब को महोब्बत देते देते हमने अपनी क़दर खो दी है…
अगर किसी इंसान को अच्छे से समझना चाहते हो तो उसे बोलने दो क्योंकि हर इंसान की सच्चाई उसकी जुबान के पीछे छिपी हुई है।
मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है… मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं
बात करने का मजा उन लोगो के साथ आता है, जिनके साथ कुछ बोलने से पहले कुछ सोचना ना पड़े।
जिस तरह लौहे का जंग लोहे को नष्ट कर देता हैं, उसी तरह इंसान की गलत सोच, इंसान को अपंग बना देती हैं।
