Sochte hain seekh lain hm bhi berukhi karna sab se,
Sab ko mohobbat dete dete hmne apni kadar kho di hai…
सोचते है सीख ले हम भी बेरुखी करना सब से ,
सब को महोब्बत देते देते हमने अपनी क़दर खो दी है…
Sochte hain seekh lain hm bhi berukhi karna sab se,
Sab ko mohobbat dete dete hmne apni kadar kho di hai…
सोचते है सीख ले हम भी बेरुखी करना सब से ,
सब को महोब्बत देते देते हमने अपनी क़दर खो दी है…
कोई भी जहर को मीठा नहीं बताता है।
कल अपने आप को देखा था माँ की आँखों में
ये आईना हमे बूढ़ा नहीं बताता है।
ए अँधेरे देख ले मुँह तेरा काला हो गया
माँ ने आँखे खोल दी घर में उजाला हो गया।
किस तरह वो मेरे गुनाहो को धो देती है
माँ बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है।
बुलंदियों का बड़े से बड़ा नीसान छुआ
उठाया गोद में माँ ने तब आसमान छुआ।
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकां आयी
मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आयी।
उसने जैसे जैसे कहा, हम करते चले गए,
उसने जहां जहां कहा, हम चलते चले गए,
हमने तो अपनी सांसों की डोर भी उसके हाथों में दे रखी थी,
उसने जैसे जैसे छोड़ा, हम मरते चले गए.