Inna athrooaan di taan kadar karr,
Inna hanjuaan ch ni dikhi tenu meri mohobatt.
Pyaar da makhol banon waliye
Lag Seene Naal Sun Dukh Yaar De
Inna athrooaan di taan kadar karr,
Inna hanjuaan ch ni dikhi tenu meri mohobatt.
Pyaar da makhol banon waliye
Lag Seene Naal Sun Dukh Yaar De
ये एक बात समझने में रात हो गई है
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है
मैं अब के साल परिंदों का दिन मनाऊँगा
मिरी क़रीब के जंगल से बात हो गई है
बिछड़ के तुझ से न ख़ुश रह सकूँगा सोचा था
तिरी जुदाई ही वज्ह-ए-नशात हो गई है
बदन में एक तरफ़ दिन तुलूअ’ मैं ने किया
बदन के दूसरे हिस्से में रात हो गई है
मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
रहेगा याद मदीने से वापसी का सफ़र
मैं नज़्म लिखने लगा था कि ना’त हो गई है
us shakhsh ka gam bhi koi soche
jise rota hua na dekha ho kisi ne
उस शख्स का ग़म भी कोई सोचे,
जिसे रोता हुआ ना देखा हो किसी ने।