
Kade aawe na hanju akh vich ohde
mere naini bhawe dareyaa howe
par meri aakhri umeed
ohda hameshaa didaar howe

Kade aawe na hanju akh vich ohde
mere naini bhawe dareyaa howe
par meri aakhri umeed
ohda hameshaa didaar howe
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।
Ohne sath tera kade shaddna nhi
Bhawein kore kaagaj te likh lai tu💯..!!
Oh har pal tere naal hai
Dila khush rehna sikh lai tu😊..!!
ਉਹਨੇ ਸਾਥ ਤੇਰਾ ਕਦੇ ਛੱਡਣਾ ਨਹੀਂ
ਭਾਵੇਂ ਕੋਰੇ ਕਾਗਜ਼ ‘ਤੇ ਲਿਖ ਲੈ ਤੂੰ💯..!!
ਉਹ ਹਰ ਪਲ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਹੈ
ਦਿਲਾ ਖੁਸ਼ ਰਹਿਣਾ ਸਿੱਖ ਲੈ ਤੂੰ😊..!!