
tere naa te zindagi sari ve mai lau
soch ke v bhull kra na mai koi
har ikk pal tere naal mai bitau
sajhda mai kraa vaar vaar sohniye
jaan nalo wadh kra pyaar sohniye
dil vich tere layi mai thaa rakhi hai
taiyo sachi kra izhaar sohniye

मैं ना जानू दोस्त तेरे दूर हो जाने के बाद,
यह जिंदगी कैसे जंग बन गई है।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
यह गांव की गलियां कैसे सुनी हो गई है।
मैंने जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
वो खेल का मैदान अब सुना लगता है।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
कैसे फूल जैसी जिंदगी पत्थर बन गई है।
खुद को मनाने की कोशिश करता हूं बहुत,
लेकिन क्या करूं दिल है कि मानता ही नहीं।
मैं ना जानू दोस्त तेरी दूर हो जाने के बाद,
मेरे चेहरे की हंसी कहां गुम हो गई।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
बाजारों की रौनक भी फीकी लगती है।
तू कब आएगा मेरे भाई मेरे दोस्त,
तेरे को हर दिन गले लगाने का मन करता है।
Samajhdaar tha vo pehle
Ishq ne nasamajh bna diya
Naam pucha tha me mene pehli mohobbat ka
Nadan ne na Jane kitno ka Gina diya🙃🫠
समझदार था वो पहले,
इश्क ने नासमझ बनाया दिया,
नाम पूछा था मैंने उससे पहली मोहब्बत का,
नादान ने न जाने कितनो का गिना दिया!🙃🫠