
Bhawein ladh vi leya kar meri jaan
Bas menu kade praya na kari..!!

सुना है लोग तुझे आँखें भरकर देखते हैं , है मन में क्या उनके ये तो सवाल कर ।
माना लोगों की फितरत अब अच्छी नहीं , अपनी इज्जत का तू तो ज़रा ख्याल कर ।।
बादस्तूर चलती रही नाराजगी जिंदगी में , वक्त बेवक्त काफिर सा न मेरा हाल कर ।
मेरी आदतों में शूमार है तेरी मोहब्बत का सबब , खुदा का शुक्र मना बेवजह न मलाल कर ।।
बागी मिजाज़ रहा दिल का चाहतों के गुबार में , जिससे कभी मोहब्बत थी उससे अब नफरत भी बेमिसाल कर ।
क्या हुआ जो दुआ भी कुबूल न हुई , हासिल कर अपने दर्द को कुछ तो अब बवाल कर ।।
Har saah naal teri khair mangde rahage
duniyaa de nakshe te tera sohna pind
preet yaad kadhu meri jaan jado sheher
tere vicho asi langhde rahange
ਹਰ ਸਾਹ ਨਾਲ ਤੇਰੀ ਖੈਰ ਮੰਗਦੇ ਰਹਾਗੇ
ਦੁਨੀਆਂ ਦੇ ਨਕਸ਼ੇ ਤੇ ਤੇਰਾ ਸੋਹਣਾ ਪਿੰਡ
ਪ੍ਰੀਤ ਯਾਦ ਕੱਢੂ ਮੇਰੀ ਜਾਨ ਜਦੋ ਸ਼ਹਿਰ
ਤੇਰੇ ਵਿੱਚੋਂ ਅਸੀ ਲੰਘਦੇ ਰਹਾਗੇ
ਭਾਈ ਰੂਪਾ