Skip to content

Kadhi dhoop me || किसान कविता

कड़ी धूप हो या हो शीतकाल,
हल चलाकर न होता बेहाल.
रिमझिम करता होगा सवेरा,
इसी आस में न रोकता चाल.
खेती बाड़ी में जुटाता ईमान,
महान पुरूष हैं, है वो किसान.

छोटे-छोटे से बीज बोता,
वही एक बड़ा खेत होता.
जिसकी दरकार होती उसे,
बोकर उसे वह तभी सोता.
खेतो का कण-कण हैं जिसकी जान,
महान पुरूष है, है वो किसान.

                तरुण चौधरी

Title: Kadhi dhoop me || किसान कविता

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Woh kehte hai ham badal gaye || hindi shayari sad

वो कहते हैं कि हम बदल गए
कोई उन्हें बताओ,सब आपकी मेहरबानी है|
जब हमें जरूरत थी तब आपने हमें अकेलापन दे दिया||
हमनें आपकी राह पर घंटो नजर टिकाई  है|
पर  आज शुक्रीया है आपका आपने हमें अपने और परायों का फक्र दिखा दिया||

Title: Woh kehte hai ham badal gaye || hindi shayari sad


New Begining || English quotes

English quotes || Every ending brings a new beginning
Every ending brings a new beginning