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Kadhi dhoop me || किसान कविता

कड़ी धूप हो या हो शीतकाल,
हल चलाकर न होता बेहाल.
रिमझिम करता होगा सवेरा,
इसी आस में न रोकता चाल.
खेती बाड़ी में जुटाता ईमान,
महान पुरूष हैं, है वो किसान.

छोटे-छोटे से बीज बोता,
वही एक बड़ा खेत होता.
जिसकी दरकार होती उसे,
बोकर उसे वह तभी सोता.
खेतो का कण-कण हैं जिसकी जान,
महान पुरूष है, है वो किसान.

                तरुण चौधरी

Title: Kadhi dhoop me || किसान कविता

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


जीवन के जिन्दगी शायरी || zindagi shayari

ज़िन्दगी के सफ़र में
मुसाफिर चलता गया
जैसा रब ने चाहा
वैसा सफर कटता गया
मुसाफिर आगे बढ़ते रहे
और मंज़िल का रास्ता घटता गया💯

Title: जीवन के जिन्दगी शायरी || zindagi shayari


I am not sure why people || Libe your dreams quotes

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