Kisi or ki taraf nazar kaise karun
unhe jo chahiye uss per to hukumat
tumhari hai… ❤️
किसी और की तरफ़ नज़र कैसे करूँ
उन्हें जो चाहिए उस पर तो हुकूमत तुम्हारी है…❤️
Kisi or ki taraf nazar kaise karun
unhe jo chahiye uss per to hukumat
tumhari hai… ❤️
किसी और की तरफ़ नज़र कैसे करूँ
उन्हें जो चाहिए उस पर तो हुकूमत तुम्हारी है…❤️
I am not perfect….but stories are always better with a touch of imperfection.🍂
किसान कविता
बूँद बूँद को तरसे जीवन,
बूँद से तड़पा हर किसान
बूँद नही हैं कही यहाँ पर
गद्दी चढ़े बैठे हैवान.
बूँद मिली तो हो वरदान
बूँद से तरसा हैं किसान
बूँद नही तो इस बादल में
देश का डूबा है अभिमान
बूँद से प्यासा हर किसान
बूँद सरकारों का फरमान
बूँद की राजनीति पर देखों
डूब रहा है हर इंसान.
देव चौधरी