
aajh suk gye ne khoo aakhiyaan de
bald(bull) v russe, tindaan hun chalan kinjh
ne teriyaan yaadan de boote suk jaange
ehna nu main sainju kinjh

aajh suk gye ne khoo aakhiyaan de
bald(bull) v russe, tindaan hun chalan kinjh
ne teriyaan yaadan de boote suk jaange
ehna nu main sainju kinjh
खमियाज़ा ए ज़िन्दगी हर पल मिलता है,
कोई कुछ वक्त तो कोई ज़िन्दगी भर साथ चलता है...
मैं अपनी राहों पर अब अकेले निकाल आया हूं,
जो वक्त सबका था कुछ अपने लिए लाया हूं...
शीशे की कब्र में दफ्न जैसे कोई राज़ हूं,
बरसों से अनसुना जैसे कोई साज़ हूं...
ज़िन्दगी का हाथ थाम कर अब चलने की गुज़ारिश है,
सपनों से तर आगे समंदर और बारिश है...
इक दिन समंदर और बारिश भी पार कर जाऊंगा,
सबकी नज़रें होगी मुझपे और मैं ज़िन्दगी गुलज़ार कर जाऊंगा....
कड़ी मेहनत आपको वहां पहुंचा देती है जहां
अच्छी किस्मत शायद आपको पहुंचा दे ।
निंदा’ से घबराकर अपने “लक्ष्य” को ना छोड़े
क्योंकि ‘लक्ष्य’ मिलते ही “निंदा” करने वालों की
राय बदल जाती है l”
केवल ज्ञान ही ऐसा अक्षर तत्व है जो कहीं भी,
किसी अवस्था और किसी काल में भी मनुष्य का
साथ नहीं छोड़ता l