Ki kuch jodha Nahi kuch jalaya nahi
mohabbat ho gayi hme kalm aur kitab se
kuyki apna dard kisiko bataya nahi
Ki kuch jodha Nahi kuch jalaya nahi
mohabbat ho gayi hme kalm aur kitab se
kuyki apna dard kisiko bataya nahi
khel tamaasha chadd tu ishqe da
har gal te tu haske dikhawe
eh hanju mzaak ni hunde
jinaa nu tu fizoool samajh jaawe
ਖੇਲ ਤਮਾਸ਼ਾ ਛੱਡ ਤੂੰ ਇਸ਼ਕੇ ਦਾ
ਹਰ ਗਲ਼ ਤੇ ਤੂੰ ਹੱਸਕੇ ਦਿਖਾਵੇ
ਐਹ ਹੰਜੂ ਮਜ਼ਾਕ ਨੀ ਹੁੰਦੇ
ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਤੂੰ ਫਿਜੁਲ ਸਮਝ ਜਾਵੇਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
है इश्क़ तो फिर असर भी होगा
जितना है इधर उधर भी होगा
माना ये के दिल है उस का पत्थर
पत्थर में निहाँ शरर भी होगा
हँसने दे उसे लहद पे मेरी
इक दिन वही नौहा-गर भी होगा
नाला मेरा गर कोई शजर है
इक रोज़ ये बार-वर भी होगा
नादाँ न समझ जहान को घर
इस घर से कभी सफ़र भी होगा
मिट्टी का ही घर न होगा बर्बाद
मिट्टी तेरे तन का घर भी होगा
ज़ुल्फ़ों से जो उस की छाएगी रात
चेहरे से अयाँ क़मर भी होगा
गाली से न डर जो दें वो बोसा
है नफ़ा जहाँ ज़रर भी होगा
रखता है जो पाँव रख समझ कर
इस राह में नज़्र सर भी होगा
उस बज़्म की आरज़ू है बे-कार
हम सूँ का वहाँ गुज़र भी होगा
‘शहबाज़’ में ऐब ही नहीं कुल
एक आध कोई हुनर भी होगा