Kali raat aajh
na laattuaan di chamak na diviaan di loo
chhayiaa matam
jiven raunak da putar liya hove kise kho
Kali raat aajh
na laattuaan di chamak na diviaan di loo
chhayiaa matam
jiven raunak da putar liya hove kise kho
अगर है प्यार मुझसे तो बताना भी ज़रूरी है
दिया है हुस्न मौला ने दिखाना भी ज़रूरी है
इशारा तो करो कभी मुझको अपनी निगाहों से
अगर है इश्क़ मुझसे तो जताना भी ज़रूरी है
अगर कर ले सभी ये काम झगड़ा हो नहीं सकता
ख़ता कोई नजर आए छुपाना भी ज़रूरी है
अगर टूटे कभी रिश्ता तुम्हारी हरकतों से जब
पड़े क़दमों में जाकर फिर मनाना भी ज़रूरी है
कभी मज़लूम आ जाए तुम्हारे सामने तो फिर
उसे अब पेट भर कर के खिलाना भी ज़रूरी है
अगर रोता नजर आए कभी मस्जिद या मंदिर में
बड़े ही प्यार से उसको हँसाना भी ज़रूरी है
~ मुहम्मद आसिफ अली
Khidki ke bagal mein baith Kar tera intezar karna
Tu kisi aur ka hai yeh jankar bhi tujhe beintehaa pyar karna
Humein to bohton ne kaha ke tu bewafa hai fir bhi teri wafa ka intezar karna
Har din khwabon mein tujhse dil-e-izhaar karna par tere Milne par Na tujhse koi baat karna
Tu kisi aur ka hai yeh jankar bhi tujhe beintehaa pyar karna
Khidki ke bagal mein baith Kar tera intezar karna ❤🙈
खिड़की के बगल में बैठ कर तेरा इंतज़ार करना
तू किसी और का है यह जानकर भी तुझे बेइंतेहा प्यार करना
हमें तो बोहतों ने कहा कि तू बेवफा है फिर भी तेरी वफ़ा का इंतज़ार करना
हर दिन ख़्वाबों में तुझसे दिल-ऐ इज़हार करना पर तेरे मिलने पर तुझसे ना कोई बात करना
तू किसी और का है यह जानकार भी तुझे बेइंतेहा प्यार करना
खिड़की के बगल में बैठ कर तेरा इंतज़ार करना ❤🙈