YAAR TERE KALAM ME KUCH TO KAMAL HAI….
TU JO BHI KALLAM (ARAZ/SPEAK)KARTA HAI KAMAL KARTA HAI
YAAR TERE KALAM ME KUCH TO KAMAL HAI….
TU JO BHI KALLAM (ARAZ/SPEAK)KARTA HAI KAMAL KARTA HAI

अगर किसी इंसान को अच्छे से समझना चाहते हो तो उसे बोलने दो क्योंकि हर इंसान की सच्चाई उसकी जुबान के पीछे छिपी हुई है।
मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है… मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं
बात करने का मजा उन लोगो के साथ आता है, जिनके साथ कुछ बोलने से पहले कुछ सोचना ना पड़े।
जिस तरह लौहे का जंग लोहे को नष्ट कर देता हैं, उसी तरह इंसान की गलत सोच, इंसान को अपंग बना देती हैं।