कमाल करते हैं
हमसे जलन रखने वाले,
महफ़िलें खुद की सजाते हैं
और चर्चे हमारे करते हैं।
मेरे लफ़्ज़ों को
महफूज कर लो दोस्तों.
हमारे बाद बहुत सन्नाटा होगा,
इस महफ़िल में.
कमाल करते हैं
हमसे जलन रखने वाले,
महफ़िलें खुद की सजाते हैं
और चर्चे हमारे करते हैं।
मेरे लफ़्ज़ों को
महफूज कर लो दोस्तों.
हमारे बाद बहुत सन्नाटा होगा,
इस महफ़िल में.
मृगजळाच्या जगात या कृष्ण सारथी तु
निर्जण वाळवटांतला पाण्याचा थेंब तु
मावळता सूर्य हा चंद्र प्रकाश तु
सोडून गेले जग मजला तरी सोबती तु
भटकल्या जीवनाचा विसावा तु
माझ्या प्रत्येक प्रश्नाचे उत्तर तू
या सुदामाचा कृष्णा तु
सोडून गेले जग मजला तरी सोबती तू
या तळपत्या उन्हातील सावली तु
पडता गारवा जिवनाची ऊब तु
जगण्यास या जगात माझा श्वास तु
सोडून गेले जग मजला तरी सोबती तु….
शब्द ~ पवन पाटील…
Teri ankhon ka zikar jo mein, apne dil se na karta
Aaj bhi khush hi hota, mein jeene se na darta
Vese to gam zindagi mein, aur bhi likhe hain meri
Kishte kayi aur bhi hai, tere pyar ki udhaari ka vyaj to na bharta…
तेरी आँखों का जिक्र जो मैं, अपने दिल से ना करता..
आज भी खुश ही होता, मैं जीने से ना डरता..
वैसे तो गम जिंदगी में, और भी लिखे हैं मेरी..
किश्तें कई और भी हैं, तेरे प्यार की उधारी का व्याज तो न भरता….