कमाल करते हैं
हमसे जलन रखने वाले,
महफ़िलें खुद की सजाते हैं
और चर्चे हमारे करते हैं।
मेरे लफ़्ज़ों को
महफूज कर लो दोस्तों.
हमारे बाद बहुत सन्नाटा होगा,
इस महफ़िल में.
कमाल करते हैं
हमसे जलन रखने वाले,
महफ़िलें खुद की सजाते हैं
और चर्चे हमारे करते हैं।
मेरे लफ़्ज़ों को
महफूज कर लो दोस्तों.
हमारे बाद बहुत सन्नाटा होगा,
इस महफ़िल में.
jaise jaise din guzrenge bhul use hm jayenge
Lekin uske baad kisi se pyar nhi kar payenge
Lafzon se dil k andar ki aah byan kab hoti hai
Apne man ki peeda kaise hontho pe hum Layenge..!!
जैसे जैसे दिन गुजरेंगे भूल उसे हम जाऐंगे
लेकिन उसके बाद किसी से प्यार नही कर पाएंगे!
लफ्ज़ों से दिल के अंदर की आह ब्यां कब होती है!
अपने मन की पीडा़ कैसे होठों तक हम लाएंगे!!
Muskurahat ke peechhe ka raaz tum ho,
jo padhti hu roz woh nwaaz tum ho,
gungunati hu jo main khud likh kar,
uske peechhe ki jaan meri awaaz tum ho…..