
jis din eh faasla muk gya us din meri kamjaabi nu dekh
har ik oh shaksh rowega jihde dil de me bahut kareeb si

कोई भी जहर को मीठा नहीं बताता है।
कल अपने आप को देखा था माँ की आँखों में
ये आईना हमे बूढ़ा नहीं बताता है।
ए अँधेरे देख ले मुँह तेरा काला हो गया
माँ ने आँखे खोल दी घर में उजाला हो गया।
किस तरह वो मेरे गुनाहो को धो देती है
माँ बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है।
बुलंदियों का बड़े से बड़ा नीसान छुआ
उठाया गोद में माँ ने तब आसमान छुआ।
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकां आयी
मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आयी।
Shayad es vich koi khaas rehn lgga e
Ajkl dil kujh udaas rehn lgga e..
ਸ਼ਾਇਦ ਇਸ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਖਾਸ ਰਹਿਣ ਲੱਗਾ ਏ
ਅੱਜ ਕੱਲ ਦਿਲ ਉਦਾਸ ਰਹਿਣ ਲੱਗਾ ਏ