Karma te koi zor nhi
Rab diya likhta koi mod nhi skda
Jina mrji kamala bndya
Tu nll jan lyi kuj jod nhi skda
Karma te koi zor nhi
Rab diya likhta koi mod nhi skda
Jina mrji kamala bndya
Tu nll jan lyi kuj jod nhi skda
Kya ishq hi wajah thi
Ya kisi wajah se ishq tha
Tujhse door rehna Teri marzi thi
Door rehkar yaad karna mera ishq tha 💔
क्या ईश्क ही वजह थी
या किसी वजह से ईश्क था
तुझसे दूर रहना तेरी मर्जी थी
दूर रहकर याद करना मेरा ईश्क था 💔
अगर नजर के नजरिये से निहारो तो हर नजारा नूर लगता है
मेरा वो प्यार जिसे दुनिया गलत कहती थी मुझे वो आज भी कोहिनूर लगता है
किस्मत ने खेला है ऐसा खेल सब कुछ है मेरे पास मगर मेरा महबूब पास होकर भी दूर लगता है
हाँ वो आज भी मुझको कोहिनूर लगता है प्यार मोहब्बत इश्क जितना कुछ था मेरे पास सब कुछ दे दिया उसको
फिर भी वो किसी और के प्यार में मगरूर लगता है
मेरा महबूब पास होकर भी दूर लगता है मगर फिर भी वो मुझको कहिनूर लगता है…harsh tiwari 🖋