Karma te koi zor nhi
Rab diya likhta koi mod nhi skda
Jina mrji kamala bndya
Tu nll jan lyi kuj jod nhi skda
Karma te koi zor nhi
Rab diya likhta koi mod nhi skda
Jina mrji kamala bndya
Tu nll jan lyi kuj jod nhi skda
तीन रंगों में रंगा हुआ
सारे जग से न्यारा है,
सुनो तिरंगा हमें हमारा
प्राणों से भी प्यारा है।
बतलाता है रंग केसरी
वीरों ने बलिदान दिया
अंग्रेजों को मार भगाया
स्वतंत्र हिंदुस्तान किया,
इनकी भुजाओं के बल से
दुश्मन हमसे हारा है
सुनो तिरंगा हमें हमारा
प्राणों से भी प्यारा है।
श्वेत रंग संदेशा देता
अमन चैन फ़ैलाने का
प्रेम भावना बसे हृदय में
ऐसा वतन बनाने का
सुख-दुःख में एक दूजे का
बनना हमे सहारा है
सुनो तिरंगा हमें हमारा
प्राणों से भी प्यारा है।
हरा रंग हरियाली का जो
उन्नति पथ दिखलाता है
चीर धरा का सीना हलधर
सारी फसल उगाता है,
सारे जगत को देता अन्न
पशुओं को देता चारा है
सुनो तिरंगा हमें हमारा
प्राणों से भी प्यारा है।
बढ़ते रहें कहीं रुके नहीं
चक्र ज्ञान यह देता है
साथ समय के चले निरंतर
बनता वही प्रणेता है
बिना परिश्रम कहाँ किसीका
चमका कभी सितारा है
सुनो तिरंगा हमें हमारा
प्राणों से भी प्यारा है।
तुझे अपना बनाने की तो मेरी, दिल से ख्वाहिश पूरी है..
पर तू मुझे चाहे उसके लिए तेरे, ख्वाबों में आना जरुरी है..
ख़्वाबों में आने के लिए तेरा, दिल धड़काना जरुरी है..
तुझे अपना बनाने से पहले, तेरा बन जाना जरुरी है..
हाथ लगाने से पहले, तेरे लबों पर मेरा नाम आना जरुरी है..
तुझे साथी बनाने से पहले, तेरा साथ निभाना जरुरी है..
तू दीवानी हो मेरी, और मेरा, तेरी अदाओं पे मर जाना जरुरी है..
तेरे किसी और को चाहने से पहले, तेरा मुझे चाहना जरुरी है..
तुझे अपना बनाने की तो मेरी, दिल से ख्वाहिश पूरी है….