Neend ton koi shikwa nai
jo aundi ni raat bhar
kasoor tan us chehre da
jo saun ni dinda raat bhar
ਨੀਂਦ ਤੋਂ ਕੋਈ ਸ਼ਿਕਵਾ ਨਹੀਂ
ਜੋ ਆਉਂਦੀ ਨੀ ਰਾਤ ਭਰ
ਕਸੂਰ ਤਾਂ ਉਸ ਚਹਿਰੇ ਦਾ
ਜੋ ਸੌਣ ਨਈ ਦਿੰਦਾ
Neend ton koi shikwa nai
jo aundi ni raat bhar
kasoor tan us chehre da
jo saun ni dinda raat bhar
ਨੀਂਦ ਤੋਂ ਕੋਈ ਸ਼ਿਕਵਾ ਨਹੀਂ
ਜੋ ਆਉਂਦੀ ਨੀ ਰਾਤ ਭਰ
ਕਸੂਰ ਤਾਂ ਉਸ ਚਹਿਰੇ ਦਾ
ਜੋ ਸੌਣ ਨਈ ਦਿੰਦਾ
चुप रह कर, ये क़माल देखने लगा
उस शिकारी का,ज़ाल देखने लगा
उसने कहा, देखो आ गया समंदर
और मैं अपना, रुमाल देखने लगा
पहले उसने मेरा सर रखा,कंधे पर
फिर वो भीगे हुए,गाल देखने लगा
इसको नया इश्क़,मंज़ूर ही कहां है
दिल फिर पुराना,साल देखने लगा
याद आ गए,फिर उसके गाल मुझे
मैं होली में जब,गुलाल देखने लगा
और जब निवाला देकर,ली फोटो
मुस्कुरा के मैं, हड़ताल देखने लगा
ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना
उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना
आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।
आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना
बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो
मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना
क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी
जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना
वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना