Neend ton koi shikwa nai
jo aundi ni raat bhar
kasoor tan us chehre da
jo saun ni dinda raat bhar
ਨੀਂਦ ਤੋਂ ਕੋਈ ਸ਼ਿਕਵਾ ਨਹੀਂ
ਜੋ ਆਉਂਦੀ ਨੀ ਰਾਤ ਭਰ
ਕਸੂਰ ਤਾਂ ਉਸ ਚਹਿਰੇ ਦਾ
ਜੋ ਸੌਣ ਨਈ ਦਿੰਦਾ
Neend ton koi shikwa nai
jo aundi ni raat bhar
kasoor tan us chehre da
jo saun ni dinda raat bhar
ਨੀਂਦ ਤੋਂ ਕੋਈ ਸ਼ਿਕਵਾ ਨਹੀਂ
ਜੋ ਆਉਂਦੀ ਨੀ ਰਾਤ ਭਰ
ਕਸੂਰ ਤਾਂ ਉਸ ਚਹਿਰੇ ਦਾ
ਜੋ ਸੌਣ ਨਈ ਦਿੰਦਾ
तनहाई तलाश रही मुझको, और मुझे तलाश है बस तेरी..
गर मुमकिन है तो आ जाओ, इंतजार में नजरें हैं मेरी..
इंहे नींद नहीं अब आती है, राहों में टिकी हैं ये तेरी..
यकीन न इनको होता है, के तूने भी आंखें हैं फेरी..
समझाऊं केसे मैं इनको, किस्मत में नहीं है तू मेरी..
जिन आंखों को हैं ये ढूंढ़ रही, बंद हैं वो आंखें तेरी..
जेसे दिल है हार गया मेरा, वैसे हारेगी अब रूह मेरी..
अब थक कर ये सोएंगी जब, होगी जिस्म से जान जुदा मेरी..
मरहम घाव ढूंढ रहे हैं, पत्ते छांव ढूंढ रहे हैं,
मंजिलें थोड़ी दूर हैं, रास्ते पांव ढूंढ रहे हैं...
गुमराह करने वालों की भीड़ बहुत बड़ी है
वहां मत जाना वो चलने को बस दाव ढूंढ रहे हैं...
बेच देंगे वो सरकारें भी इक दिन
मिलने का सही भाव ढूंढ रहे हैं...
बेगुनाहों को बेजान करना आदत है इनकी
बस, मूंछों को देने के लिए झूठा ताव ढूंढ रहे
हैं...