Kat rahi hai zindagi kuch ese
Titli ka jism jaise daba ho kitab mein… 💔💯
कट रही है ज़िन्दगी कुछ ऐसे…
तितली का जिस्म जैसे दबा हो किताब में….💔💯
Kat rahi hai zindagi kuch ese
Titli ka jism jaise daba ho kitab mein… 💔💯
कट रही है ज़िन्दगी कुछ ऐसे…
तितली का जिस्म जैसे दबा हो किताब में….💔💯
मोहब्बत धूप में छाँव की तरह है
धूप जमाने की तरह
तुम छाँव में रुकना मत यही छाँव ठण्ड में तुम्हें सतायेगी
ठण्ड समझदार की तरह
ये ठण्ड तुम्हें धूप की ओर ले जाएगी
धूप तुम्हे अंधेरे में छोड़ जाएगी
अंधेरे दो तरह की है
पहले में मां बाप साथ है दूसरे में उनकी याद
इसीलिये तो मां बाप अंधेरो में जीना सिखाते है
ताकी जब दूसरा अंधेरा आए तो तुम कहो
अंधेरो आओ अब हम तुम्हें रास्ता दिखाते है
