Katal c do nain yaaro
Enjoy Every Movement of life!
Katal c do nain yaaro
दिल की आवाज तून्हे सुनी नहीं,
प्यार को मेरे समझा नहीं,
तू तो कर रहा था दिल्लगी,
हकीकत हमने समझी नहीं।
किसान कविता
बूँद बूँद को तरसे जीवन,
बूँद से तड़पा हर किसान
बूँद नही हैं कही यहाँ पर
गद्दी चढ़े बैठे हैवान.
बूँद मिली तो हो वरदान
बूँद से तरसा हैं किसान
बूँद नही तो इस बादल में
देश का डूबा है अभिमान
बूँद से प्यासा हर किसान
बूँद सरकारों का फरमान
बूँद की राजनीति पर देखों
डूब रहा है हर इंसान.
देव चौधरी
