usne ek baar jo dekha
wo kya dekha
ke mohobat ho gai hame unse
fir ek baar na usne dekha
उसने एक बार जो देखा
वो क्या देखा
के मोहोबत हो गई हमें उनसे
फिर एक बार न उसने देखा
usne ek baar jo dekha
wo kya dekha
ke mohobat ho gai hame unse
fir ek baar na usne dekha
उसने एक बार जो देखा
वो क्या देखा
के मोहोबत हो गई हमें उनसे
फिर एक बार न उसने देखा
Tapti huyi zameen hai jaldhaar bant ta hun
Patjhar ke raston par mein bhaar bant ta hun
Ye aag ka dariya hai jeena bhi bhut mushqil
Nafrat ke daur mein bhi mein pyar bant ta hun🙃❤️
तपती हुई ज़मीं है जलधार बाँटता हूँ
पतझर के रास्तों पर मैं बहार बाँटता हूँ
ये आग का दरिया है जीना भी बहुत मुश्क़िल
नफ़रत के दौर में भी मैं प्यार बाँटता हूँ🙃❤️
है वो मेरी मोहब्बत की रूह, इसलिए पास मेरे वो रहती है..
मुझे पागल समझेगी ये दुनिया, तभी वो कुछ ना कहती है..
सुबह उठे साथ में वो मेरे, शाम आंखों के साथ वो ढलती है..
वो जी ना सकी जो साथ मेरे, तो मरके साथ में चलती है..
राहें तो बदल गयीं उसकी मगर, राहौं से मुडी वो रहती है..
मेरी रूह से जुडना है हक उसका, तभी साथ जुडी वो रहती है..
हर खुशी बांटती है मेरी, हर गम मेरे संग सहती है..
मुझे वो लगती है अपनी, और मुझे वो अपना कहती है….