डर से ही सही पर
इस बात का एहसास हो गया
कि हम किसी के लिए
खास नहीं है
Enjoy Every Movement of life!
डर से ही सही पर
इस बात का एहसास हो गया
कि हम किसी के लिए
खास नहीं है
क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
