कुछ ख्वाहिशें तो कुछ नुमाहिशें हैं, चेहरे पर मुस्कुराहट फिर भी आंखों में बरिशें हैं न जाने कहां रूठ कर बैठा है वक्त मुझसे क्योंकि आज भी उसको पाने की खुदा से गुजारिशें हैं।
कुछ ख्वाहिशें तो कुछ नुमाहिशें हैं, चेहरे पर मुस्कुराहट फिर भी आंखों में बरिशें हैं न जाने कहां रूठ कर बैठा है वक्त मुझसे क्योंकि आज भी उसको पाने की खुदा से गुजारिशें हैं।
ਸਿਰਫ ਤੈਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦੀ ਚਾਹਤ ਵਿੱਚ
ਮੋਮ ਦੀ ਤਰਾਂ ਪਿਗਲ ਦੀ ਰਹੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
ਹਥੋਂ ਫਿਸਲ ਦੀ ਰਹੀ ਏ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
Sirf tainu paun di chahat vich
mom di tarah pigal di rahi zindagi
hathon fisal di rahi e zindagi
तू चलता चल ऐ बंदेया
माना मुश्किल , है सफ़र
पर जब साथ हो कोई हमदर्द
तो किस बात का डर
तू चलता चल ऐ बंदेया….
बपिस मुड़ना अब यहाँ से
माना है , जिस राह पर तू चला है
रुक , ठहर , खुद से खुद की लिए इजाज़त माँग,
फिरसे खड़कर , द्रिड होकर, चट्टान सा बनकर
तू चलता चल ऐ बंदेया…
तुझे रखना पड़ेगा खुद को प्रत्येक रूप से तयार
क्यूँकि इस संसार में ना रख सकते प्यार का , ना यार का ऐतबार
पर मुश्किल समय में ग़ैरों का हौंसला ज़रूर बनना मेरे यार
यहाँ आजकल कोन आता है छोड़कर अपना घर व्यापार
तू बुलंदियाँ छूता चल ऐ बंदेया ,तू चलता चल ऐ बंदेया ,
तू चलता चल ऐ बंदेया…….।