कुछ ख्वाहिशें तो कुछ नुमाहिशें हैं, चेहरे पर मुस्कुराहट फिर भी आंखों में बरिशें हैं न जाने कहां रूठ कर बैठा है वक्त मुझसे क्योंकि आज भी उसको पाने की खुदा से गुजारिशें हैं।
Enjoy Every Movement of life!
कुछ ख्वाहिशें तो कुछ नुमाहिशें हैं, चेहरे पर मुस्कुराहट फिर भी आंखों में बरिशें हैं न जाने कहां रूठ कर बैठा है वक्त मुझसे क्योंकि आज भी उसको पाने की खुदा से गुजारिशें हैं।
kah do apane daanton ko, qi had mein rahen,
tere labon pe bas mere labon ka haq hai…
कह दो अपने दांतों को, क़ि हद में रहें,
तेरे लबों पे बस मेरे लबों का हक़ है…
