कुछ ख्वाहिशें तो कुछ नुमाहिशें हैं, चेहरे पर मुस्कुराहट फिर भी आंखों में बरिशें हैं न जाने कहां रूठ कर बैठा है वक्त मुझसे क्योंकि आज भी उसको पाने की खुदा से गुजारिशें हैं।
कुछ ख्वाहिशें तो कुछ नुमाहिशें हैं, चेहरे पर मुस्कुराहट फिर भी आंखों में बरिशें हैं न जाने कहां रूठ कर बैठा है वक्त मुझसे क्योंकि आज भी उसको पाने की खुदा से गुजारिशें हैं।
Jin chaar logon mein baithkar aap dusron ki burai karte hain
Yakeen maniye aapke jate hi waha aapki bhi burai shuru ho jayegi!!!
जिन चार लोगों में बैठकर आप दूसरों की बुराई करते हैं
यकीन मानिए आपके जाते ही वहाँ पर आपकी भी बुराई शुरू हो जाएगी!!!
pyaar mein mere sabr ka imtehaan to dekho,
vo meree hee baanhon mein so gae kisee aur ke lie rote rote…
प्यार में मेरे सब्र का इम्तेहान तो देखो,
वो मेरी ही बाँहों में सो गए किसी और के लिए रोते रोते…