कुछ ख्वाहिशें तो कुछ नुमाहिशें हैं, चेहरे पर मुस्कुराहट फिर भी आंखों में बरिशें हैं न जाने कहां रूठ कर बैठा है वक्त मुझसे क्योंकि आज भी उसको पाने की खुदा से गुजारिशें हैं।
कुछ ख्वाहिशें तो कुछ नुमाहिशें हैं, चेहरे पर मुस्कुराहट फिर भी आंखों में बरिशें हैं न जाने कहां रूठ कर बैठा है वक्त मुझसे क्योंकि आज भी उसको पाने की खुदा से गुजारिशें हैं।
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
उठता है तूफान सीने में जब
जहन में सवाल इक आता है
जब जाना ही है दूर तो
क्यों करीब कोई आता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
जिसे देखना भी नही मुनासिब
आंखे बंद कर करीब उसी को पता है
ढूंढ ले खामियां उसकी हजार पर
दिल तो आज भी बेहतर उसी को बताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
सपने देखता है नई दुनिया बसाने के तू
नींद तेरी आज भी वही चुराता है
बेख्याल होने का करले तमसील भले
मिलने का ख्याल तो आज भी सताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
ishq ne saada sab kujh luttiyaa
putthiyan sidhiyaan dawaan naal
hun taan bas jindri kati di aaa
haukiyaan haawan naal
ਇਸ਼ਕ ਨੇ ਸਾਡਾ ਸਬ ਕੁਝ ਲੁਟਿਆ
ਪੁਠੀਆਂ ਸਿੱਧੀਆਂ ਦਾਵਾਂ ਨਾਲ
ਹੁਣ ਤਾਂ ਬਸ ਜ਼ਿੰਦੜੀ ਕੱਟੀ ਦੀ ਆ
ਹਾਉਕੇ ਹਾਵਾਂ ਨਾਲ