कुछ ख्वाहिशें तो कुछ नुमाहिशें हैं, चेहरे पर मुस्कुराहट फिर भी आंखों में बरिशें हैं न जाने कहां रूठ कर बैठा है वक्त मुझसे क्योंकि आज भी उसको पाने की खुदा से गुजारिशें हैं।
Enjoy Every Movement of life!
कुछ ख्वाहिशें तो कुछ नुमाहिशें हैं, चेहरे पर मुस्कुराहट फिर भी आंखों में बरिशें हैं न जाने कहां रूठ कर बैठा है वक्त मुझसे क्योंकि आज भी उसको पाने की खुदा से गुजारिशें हैं।
Kitna Badlun Khud Ko Tere Liye,
Kuch To Mere Andar Mera Rehne De!
