”E jindgi mujse is trah na muh mod
mai khafa hu khud se tu is trah na mera dil tod”
”E jindgi mujse is trah na muh mod
mai khafa hu khud se tu is trah na mera dil tod”
हिम्मत भी है ताकत भी ओर हौसला भी
उनकी खुशी के लिए सब कुछ कर जाऊंगा
देखेगी दुनिया भी इस अंजान चेहरे को
जब बाहों में समेटकर में चांद लेकर आऊंगा
मेरी मां के चेहरे पर मुस्कुराहट होगी
और हाथो मेरे लिए में नूर होगा
हवाओं में भी खुशबू होगी और
पापा की नज़रों में गुरूर होगा
सुरूर होगा जब दुनिया अपनी सी लगेगी
जब दुनिया को मेरा भी शउर होगा
अपनी नज़रों में तालाब की आवाम भर लाऊंगा
हर शाम में लौट कर जब घर आऊंगा
हाथों में रोटी पकड़कर कहेगी, बेटा खा ले
मैं मुस्कुराकर दो निवाले उसे भी खिलाऊंगा
खैर, निकल पड़ा हूं अभी मंज़िल ढूंढने खुद ही
इंतेज़ार उस वक्त का है जब मै चांद समेट लाऊंगा...
ਚਾਹ ਦੇ ਆਖਰੀ ਘੁੱਟ🙈 ਵਰਗੀਆਂ ਨੇ ਯਾਦਾਂ ਉੁਸਦੀਆਂ, 😻ਨਾ ਤਾਂ ਖਤਮ ਕਰਨਾ ਚੰਗਾ 🙃ਲੱਗਦਾ ਤੇ ਨਾ ਹੀ ਛੱਡਣਾ..💔💔
Cha de akhri ghut🙈 wargiya ne yada usdiyan, 😻 na ta khatm karna chnga🙃 lg da te na hi chdna..💔💔