”E jindgi mujse is trah na muh mod
mai khafa hu khud se tu is trah na mera dil tod”
”E jindgi mujse is trah na muh mod
mai khafa hu khud se tu is trah na mera dil tod”
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
हवाओं में फैली है जो खुशबू, उसकी सादगी तुम हो…
मेरी रूह को जो ठंडक दे, वो ताज़गी तुम हो…
सज़दा करू मैं किसका, मेरी दुआओं में तुम,
मेरी वफाओं में तुम, बरसती घटाओं में तुम,
बस तुम ही तुम… तुम हो मेरे आज में मेरे कल में भी तुम,
मेरे हर वक्त में तुम, बस तुम ही तुम…
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
ये धड़कने तुम्हारी है,
मेरे दिल की कीमत समझ लेना,
बिछ जाऊं तुम्हारे क़दमों में,
इसे मेरी मन्नत समझ लेना,
तस्वीर मैं भी हूं तुम्हारी,
मुझे अपनी सीरत समझ लेना…
मेरे साए में भी अब दिखते हो तुम,
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
Bechain dil Aram chahta hai ❤
Jo shakhs inn nigaahon mein hai uska deedar karna chahta hai😍
Anjaan hai iss Safar ae mohabbat se🙄
Ye pehle Ishq ka gunaah karna chahta hai🙈
बेचैन दिल आराम चाहता है❤
जो शख्स इन निगाहों में है उसका दीदार करना चाहता है😍
अनजान है इस सफर ए मोहोब्बत से🙄
ये पहले इश्क़ का गुनाह करना चाहता है🙈