”E jindgi mujse is trah na muh mod
mai khafa hu khud se tu is trah na mera dil tod”
”E jindgi mujse is trah na muh mod
mai khafa hu khud se tu is trah na mera dil tod”
Ishq e teri kiitii hoyi ibadat naal..!!
Beintehaa e teri har ikk aadat naal..!!
ਇਸ਼ਕ ਏ ਤੇਰੀ ਕੀਤੀ ਹੋਈ ਇਬਾਦਤ ਨਾਲ..!!
ਬੇਇੰਤੇਹਾ ਏ ਤੇਰੀ ਹਰ ਇੱਕ ਆਦਤ ਨਾਲ..!!
सौ ख्वाबों को मिला के एक ख्वाब देख रखा है ,
ज़िंदगी ने जाने फिर भी क्या हिसाब रखा है ,
तू मशरुफ़ है तेरी अहमत में,
और मैंने तेरे इंतज़ार को संभाल रखा है ।
माना दर्द की सौगात लाता है इश्क़ जाना ,
फिर भी मैंने अपनी मुलाकातों का गुलाब रखा है ,
तेरे साथ ही तो चल रहा है वजूद मेरा ,
तेरी यादों का मैंने एक तकियाँ भिगो रखा है ।
तेरा यू इंतज़ार करवाना ,मेरे दिल को खा जाता है ,
फिर भी तुझसे मिलने का अरमान सजा रखा है ,
कभी आओ खुल के सामने जो मेरे तुम तो दिखाऊ ,
टूटे दिल मे भी तेरे लिए एक महल सजा रखा है ।
………….अजय कुमार ।