नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
Enjoy Every Movement of life!
नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
ना उन्होंने हाल पूछा
ना हमसे बताया गया
एक झूठ था सच जैसा
सारी उमर हमे बताया गया
और जब मुकम्मल मार ना सके हमे वो
तब एक ठीक ठाक लड़के को पागल बताया गया….
Ishq ka ilam sikhne gya tha
aur logon ke chehre padhnaa sikh kar lautaa hoon
ईशक का ईलम सिखने गया था
और लोगों के चेहरे पढ़ना सिख कर लौटा हूं