नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
Enjoy Every Movement of life!
नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
Hum mushafir to nahi… Jo palat kar aaa jaaye…
Jaana…
Jo humein karnaa ho to… Soch kar rukhsat karnaa…🙃💯
हम मुसाफिर तो नहीं…जो पलट कर आ जाएं
जाना…
जो हमें करना हो तो सोच कर रुखसत करना…🙃💯
You are a delicate carving of my food.