नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
Enjoy Every Movement of life!
नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
hausala mujh mein nahin usako bulaane ka,
kaam sadiyon se lamhon mein kahaan hota hai….
हौसला मुझ में नहीं उसको बुलाने का,
काम सदियों से लम्हों में कहाँ होता है…
