नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
Mujhe apane jutoo me bhi rawani chahiye ,
Mujhe tum sab ke chehero par hairani chahiye,
Mai jawaan tha jawaan hi rahe gaya zindagi bhar
Ki ab mujhe apani bhudape me bhi jawani chahiye
मुझे अपने जूतों में भी रवानी चाहिए
मुझे तुम सभ के चेहरे पर हैरानी चाहिए
मैं जवान था जवान ही रह गया ज़िन्दगी भर
कि अब मुझे अपने बुढ़ापे में भी जवानी चाहिए…
Woh Nahi jaanti maine kis kadar aapno ko khoyeaa hai
Vikram jo hasaata tha kabhi auroon ko
Aaaj woh kitna foot foott royea hai
वो नही जानती मैंने किस कदर अपनों को खोया है,
विक्रम जो हँसाता था कभी औरों को आज वो कितना फूट फूट रोया है।