नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
Enjoy Every Movement of life!
नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
Chup jehe zaroor haan,
Par chhor nahi chahida,
Ikk ne hi touba krati bs hun koi hor nahi chahida🙏🏻🙏🏻
Zindagi se bdi saja hi nahi
Aur kya jurm hai pta hi nahi
Itne hisso me bat gya hu mai
Mere hisse me kuchh bacha hi nahi💔
ज़िन्दगी से बड़ी सज़ा ही नही
और क्या जुर्म है पता ही नही
इतने हिस्सो में बट गया हूं मैं
मेरे हिस्से में कुछ बचा ही नही💔