नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
Enjoy Every Movement of life!
नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
दाल हो या दिल हो सब में मिलावट हैमोहब्बत के बाज़ार में भारी गिरावट हैअमीरों के सारे काम होते फटाफट हैगरीबों के काम में आती अक्सर रुकावट है
