नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
Enjoy Every Movement of life!
नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
Halatan anusar badlna Sikh lwo,
Sari umar zindagi iko jehi nhi hundi🍂
ਹਲਾਤਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਬਦਲਨਾ ਸਿਖ ਲਵੋ,
ਸਾਰੀ ਉਮਰ ਜਿੰਦਗੀ ਇਕੋ ਜਿਹੀ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ 🍂
इश्क़ है …न चाह है तुझे पाने की,
फिर भी करीब रहो ये अच्छा लगता है,,
ख्वाब है न हकीकत है.. दरमियाँ अपने
फिर भी तुम्हें सोचना अच्छा लगता है,,
दूर हो न करीब ही हो मेरे “जाना”
फिर भी तू हमकदम हो अच्छा लगता है,,
पराया है न अपना ही है तू मेरा
फिर भी तेरा साथ अच्छा लगता है।।🌻🌻