नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
Enjoy Every Movement of life!
नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
“अक्सर हमें प्यार होने के बाद ही उस शख्स की यादें सताती है.
प्यार न हो तो वो कितना ही प्यारा क्यों न हो वो हमें कभी याद नही आता..”!
Tenu kehe c na
sakoon nai milda mainu
kade ik pal v
tere chehre bina
kyu shadd gya tu menu eh jaande hoye v k
methon jee nai hauna hun tere bina