नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
Enjoy Every Movement of life!
नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
दिल की आवाज ना सुनी उसने मेरी,
खोया किसी और में था,
धोका दिया उसने हमें,
वो प्यार किसी ओर का था।
Har tanha raat mein ek naam yaad aata hai,
Kabhi subah kabhi shaam yaad aata hai,
Jab sochte hain kar lein dobara mohobbat,
Fir pehli mohobbat ka anzaam yaad aata hai..
हर तन्हा रात में एक नाम याद आता है,
कभी सुबह कभी शाम याद आता है,
जब सोचते हैं कर लें दोबारा मोहब्बत,
फिर पहली मोहब्बत का अंजाम याद आता है।