नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
Enjoy Every Movement of life!
नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️

Jo hass ke langh jaawe ohi o din sohna ae
fikraa ch na pyaa karo jo hauna so hona aae
ਜੋ ਹੱਸ ਕੇ ਲੰਘ ਜਾਵੇ ਓਹੀ ਓ ਦਿਨ ਸੋਹਣਾ ਏ
ਫਿਕਰਾਂ ਚ ਨਾ ਪਿਆ ਕਰੋ ਜੋ ਹੋਣਾ ਸੋ ਹੋਣਾ ਏ ..