
Jo apne hi pyar di khamoshi sehnda howega..!!

तन पर खराब पुराने कपड़े होते हैं,
पैर मिट्टी में पूरी तरह सने होते हैं,
कड़ी सुलगती धूप में काम करते हैं जो,
ये कोई और नहीं सिर्फ किसान है वो,
धरती की छाती हल से चीर देते हैं,
हमारे लिए अन्न की फसल उगा देते हैं,
किसान अपनी फसल से बहुत प्यार करते हैं,
गरमी, सरदी, बरसात में जूझते रहते हैं,
मान लेते हैं की किसान बहुत गरीब होते हैं,
हमारी थाली में सजा हुआ खाना यही देते हैं,
इनके बिना हमें अनाज कभी मिल नहीं पाता,
दौलत कमा लेते पर कभी पेट न भर पाता,
भूमि को उपजाऊ बनाने वाले किसान है,
हमारे भारत का मान, सम्मान और शान हैं,
ये सच्ची बात सब अच्छे से जानते हैं,
किसान को हम अपना अन्नदाता मानते हैं,
हम ये बात क्यों नहीं कभी सोचते हैं,
गरीब किसान अपना सब हमें देते हैं,
हम तो पेट भर रोज खाना खा लेते हैं,
किसान तो ज्यादतर खाली पेट सोते हैं,
तरुण चौधरी
Ye dil aajh bhi tere liye dhadhkta hai
maine to kai saal tere se pyar kiya
mn lgaakar kiyaa
na tere jism ki bhookh thi
bas teri rooh se pyar ho gya tha mujhe
agar tere jism ki bhookh hoti toh
shayad tu mujhe chhodh kar bhi nahi jaati
ये दिल आज भी तेरे लिए धड़कता है
मैंने तो कई साल तेरे से प्यार किया
मन लगाकर किया
ना तेरे जिस्म की भूख थी
बस तेरी रूह से प्यार हो गया था मुझे
अगर तेरे जिस्म की भूख होती तो
शायद तु मुझे छोड़ कर भी नहीं जाती