माना गलती तुम्हारी नहीं मेरी थी
पर वो प्यार से बुलाने की आदत तो तेरी थी
हम तो प्यार करना भी नहीं चाहते
पर हमारे आग को जलाने के लिए चिंगारी भी तेरी थी…
माना गलती तुम्हारी नहीं मेरी थी
पर वो प्यार से बुलाने की आदत तो तेरी थी
हम तो प्यार करना भी नहीं चाहते
पर हमारे आग को जलाने के लिए चिंगारी भी तेरी थी…
Ek roj tera khat fir nikal padhunga mein
Ek roj fir teri ishq yaad se marunga mein
Voh jo shakhs jom mein tha aaj tkk nhi aaya
Esi vba shod gya ishq ki ke ab na kisi se ishq krunga mein🙌
एक रोज तेरा ख़त फिर निकाल पढूंगा मैं
एक रोज फिर तेरी इश्क याद से मरूंगा मैं
वोह जो शख्स जोम में था आज तक नहीं आया
ऐसी वबा छोड गया इश्क की कि अब ना किसी से इश्क करूंगा मैं🙌
Jo asi dujeya nu dewange ohi
Wapas sade kol aawega bhawein
Oh izzat howe sanmaan howe
Jaa fir dhokha🙌
ਜੋ ਅਸੀਂ ਦੂਜਿਆਂ ਨੂੰ ਦੇਵਾਂਗੇ ਉਹੀ
ਵਾਪਸ ਸਾਡੇ ਕੋਲ ਆਵੇਗਾ ਭਾਵੇਂ,
ਉਹ ਇੱਜ਼ਤ ਹੋਵੇ ਸਨਮਾਨ ਹੋਵੇ
ਜਾਂ ਫਿਰ ਧੋਖਾ 🙌