माना गलती तुम्हारी नहीं मेरी थी
पर वो प्यार से बुलाने की आदत तो तेरी थी
हम तो प्यार करना भी नहीं चाहते
पर हमारे आग को जलाने के लिए चिंगारी भी तेरी थी…
Enjoy Every Movement of life!
माना गलती तुम्हारी नहीं मेरी थी
पर वो प्यार से बुलाने की आदत तो तेरी थी
हम तो प्यार करना भी नहीं चाहते
पर हमारे आग को जलाने के लिए चिंगारी भी तेरी थी…
तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...
ना तुमने कुछ कहा ना बताया हमने ..!!
क्यों करते है प्यार तुमसे क्यों अपनाया हमने..!!
Na tumne kuch kha na btaya humne
Kyu karte hai pyar tumse kyu apnaya humne