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Khaure aawega oh odon || sad Punjabi shayari || true but sad

Khaure aawega oh udo saah mukkne ne jadon
Dila mereya utarde udeekan da bojh..!!
Kade sahwein na oh aawe meri akhiyan nu bhawein
Ohde aun de supne aayi jande ne roj..!!

ਖੌਰੇ ਆਵੇਂਗਾ ਉਹ ਉਦੋਂ ਸਾਹ ਮੁੱਕਣੇ ਨੇ ਜਦੋਂ
ਦਿਲਾ ਮੇਰਿਆ ਉਤਾਰਦੇ ਉਡੀਕਾਂ ਦਾ ਬੋਝ..!!
ਕਦੇ ਸਾਹਵੇਂ ਨਾ ਉਹ ਆਵੇ ਮੇਰੀ ਅੱਖੀਆਂ ਨੂੰ ਭਾਵੇਂ
ਓਹਦੇ ਆਉਣ ਦੇ ਸੁਪਨੇ ਆਈ ਜਾਂਦੇ ਨੇ ਰੋਜ..!!

Title: Khaure aawega oh odon || sad Punjabi shayari || true but sad

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Urdu Ghazal or Shayari || love shayari

جو حق تمھیں ملے ہم سے جو اختیار آپ کو ديے
مجال ہے جو کبھی ایسے ہو یہ حق و اختیار اوروں کو دئے

JO HAQUE TUMHE MILE HUM SE JO AKHTYAAR AAP KO DIYE
MAJAAL HAIN JO KABHI AISE HO YEH HAQUE-O-AKHTYAAR OROON KO DIYE

Title: Urdu Ghazal or Shayari || love shayari


Mehnat || hindi poetry || मेहनत पर कविता

आज गया  ऐसे ही
कल भी चला जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

दुःख है आज जिंदगी मे तेरे
कल सुख भी पायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

साथी पहुंच जायेगे बहुत आगे 
तू पीछे ही रह जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

समय बितता जायेगा
तू सोचता ही रह जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

जिंदगी के सभी सपने
मेहनत से ही पुरे कर पायेगा 
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

आज मेहनत करेगा तभी
कल मेहनत का  फल पायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

जब शरीर मे जान ही नही बचेगी
तब क्या मेहनत करेगा
आज गया  समय ऐसे ही
 कल तो तू ही चले जायेगा 
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

जब कुछ नही कर पायेगा तो
किस्मत को जिम्मेवार ठहरायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

मेहनत कर ऐ इंसान तू अब
कब तक ऐसे बैठे रहेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

गरीब है अगर तू आज
कल अमीर बन जायेगा| 
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

कब तक  परिवारवालो की
मेहनत की रोटी तू खायेगा
एक दिन तू जरूर पछतायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

मेहनत कर ऐ इंसान
तू आगे ही बढ़ता जायेगा
दुनिया के नजरों मे एक दिन  
सफल इंसान बन जायेगा|

अब सुन ऐ इंसान एक बात आज
जब तक नही निकालेगा अपने
अंदर के आलस को तू बाहर
तब तक मेहनत करने से
कतरायेगा तू हर बार|

कामयाब वही होते है
जो कुछ कर दिखाते है
वरना सोचता तो हर इंसान है|
सोच मे तो ऐ इंसान तू बैठे-बैठे
 बडे बडे सपने देख लेता है
 जब मेहनत करने समय आता है
 तो सपनो को  दो मिनट मे तोड़ देता है|
सपने ऐसे देख जिसको तू पूरा कर सके
ऐसे सपने ही क्यों देखने जिनको
पाने की तू हिम्मत ही न रख सके |

कितने आये जिंदगी मे
ओर कितने चले गये
नाम उनका ही रहा
जो कुछ करके दिखा गये|

वो सोचते थे जो भी 
उसको पूरा करके दिखाते थे
उनका मुँह नही  बोलता था
काम बोलके दिखाता था |

मेहनत करके ऐ इंसान
जब तू इस जिंदगी से जायेगा
तेरा नाम रहेगा इस दुनिया मे
ओर तू अमर कहलायेगा.

Title: Mehnat || hindi poetry || मेहनत पर कविता