Khoob Hausla Barhaya Aandhiyon Ne Dhool Ka,
Magar Do Boond Barish Ne Aukaat Bata Di.
खूब हौसला बढ़ाया आँधियों ने धूल का,
मगर दो बूँद बारिश ने औकात बता दी।
Khoob Hausla Barhaya Aandhiyon Ne Dhool Ka,
Magar Do Boond Barish Ne Aukaat Bata Di.
खूब हौसला बढ़ाया आँधियों ने धूल का,
मगर दो बूँद बारिश ने औकात बता दी।
हर रोज़ आईने से पूछा करते हैं, बता हमारी तक़दीर में क्या है,
ये अकेलापन कभी तो हमारा साथ छोड़ेगा, हमारी ज़िंदगी में उनके साथ की रोशनी लाएगा,
हर बार आईना उदास होकर कहता है,
ये दिल-ए-नादान किसी से इस क़दर मोहब्बत न कर, कि उनके न होने से तेरा वजूद मिट जाए।