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Khoya hun khayalon mein

Khoya hun khayalon mein || hindi shayari from heart


Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


स्त्री हूं मैं

        स्त्री हूं मैं……

स्त्री हूं मैं मेरा कहां सम्मान होता है

मेरे कपड़ों से मेरा चरित्र भाप लिया जाता है।

अगर जींस या वेस्टर्न ड्रेस पहन लूं मैं

तो मैं बिगड़ी हुई मान ली जाती हूं।

अगर मैं साड़ी भी पहनूं तो भी

उसमे भी खोट नजर आती है।

मेरी साड़ी में भी कमिया ही नजर आती है।

यहां तो एक औरत भी औरत का सम्मान नही करती

एक औरत को दूसरी औरत में भी खोट नजर आती है।

मेरे कपड़ों में कोई कमी नहीं कमी तुम्हारी नज़र में है

मैं कुछ भी पहन लूं तुम्हे कमी नजर आनी ही है।

Title: स्त्री हूं मैं


आदत हो गई है घुट-घुट कर मरने की

आँखों में जलन और सीने में गुबार है

झूठ की धुन्ध में दिखना बंद हो गया है

आदत हो गई है घुट-घुट कर मरने की

हवाओं में इतना ज़हर जो घुल गया है

Title: आदत हो गई है घुट-घुट कर मरने की